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हादसे से बची छपरा-मथुरा एक्सप्रेस

Wed, 06 Sep 2017 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
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दुर्घटना के बाद आपस में फंसे डीसीएम व ट्रक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कानपुर-कासगंज रेल लाइन पर ट्रैक मैन की सतर्कता से मंगलवार तड़के एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। जीटी रोड पर ट्रक व डीसीएम की भिड़ंत के बाद डीसीएम का पिछला हिस्सा रेलवे ट्रैक तक पहुंच गया। दोनों वाहनों के चालक मौके से भाग खड़े हुए। ट्रैक मैन की कंट्रोल रूम को सूचना पर ट्रेनों को जहां तहां रोका गया। आरपीएफ के साथ रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुबह छह बजे शुरू हुआ राहत कार्य नौ बजे तक चलता रहा। इस दौरान तीन ट्रेनें और एक मालगाड़ी फंसी रही।
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जलालपुर पनवारा स्टेशन से करीब एक किमी दूर जीटी रोड पर मंगलवार तड़के गुरसहायगंज से कानपुर की ओर जा रही डीसीएम की टक्कर सामने से आ रहे ट्रक से हो गई। ट्रक में लोहे का सामान भरा था, जबकि डीसीएम खाली थी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहन रेल लाइन के किनारे लगी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पटरी तक पहुंच गए। हादसा स्थल से ट्रैक मैन धर्मेंद्र कुमार यादव करीब 200 मीटर दूर थे। जानकारी मिलते ही उन्होंने जसोदा स्टेशन को सूचना दी। हादसे के समय छपरा-मथुरा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22532) के आने का समय था। रेलवे सूत्रों की मानें तो सूचना मिलने में अगर चार मिनट की देरी हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे की जानकारी पर आरपीएफ निरीक्षक प्रमोद लकड़ा, एसआई संजय कुमार राय के अलावा रेलवे के खंड अभियंता कार्य महेश वर्मा, खंड अभियंता रेल पथ रवींद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। सुबह करीब छह बजे दो क्रेन मंगाकर राहत कार्य शुरू हुआ। सवा चार घंटे तक छपरा-मथुरा एक्सप्रेस के साथ ही दो अन्य ट्रेनें व एक मालगाड़ी को अलग-अलग स्थानों पर रोके रखा गया।
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आरपीएफ ने डीसीएम और ट्रक चालक के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 154 और 174 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। धारा 154 के तहत दो वर्ष की सजा व 174 के तहत एक वर्ष की सजा और जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। ट्रक और डीसीएम मालिकों के बारे में जानकारी की जा रही है। आरपीएफ निरीक्षक प्रमोद लकड़ा ने बताया कि जल्द दोनों वाहनों के चालकों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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