तहसील परिसर में धरने पर बैठे परिवार से वार्ता करते एसडीएम देवेश कुमार गुप्त।
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छिबरामऊ(कन्नौज)। नगला मधई गांव में कुछ लोग एसडीएम का भी आदेश नहीं मान रहे हैं। चकरोड पर दोबारा कब्जा किया जा रहा है। सोमवार को इसी के विरोध में परिवार तहसील परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गया। बाद में एसडीएम ने आश्वासन देकर हड़ताल खत्म कराई।
सोमवार को थाना तालग्राम के नगला मधई निवासी रतीराम पत्नी उर्मिला पाल व बेटे पुष्पेंद्र के साथ तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां सभी भूख हड़ताल पर बैठ गए। रतीराम ने बताया कि गांव में गाटा संख्या 639 चकरोड व 985 सड़क में दर्ज है। गांव के कुछ लोगों ने इन पर कब्जा कर लिया है। इससे खेत पर जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया। 25 नवंबर 2016 को तत्कालीन एसडीएम ने पैमाइश कराई थी। तहसीलदार की देखरेख में टीम बनाकर निरीक्षण किया गया। नक्शा-नजरी देखा गया। बाद में निर्माण को गिरा दिया गया। अधिकारियों ने शीघ्र मलबा हटवाने के निर्देश दिए थे। मलबा नहीं हटवाया गया। दोबारा निर्माण शुरू कर दिया गया।
तहसील में परिवार के भूख हड़ताल पर बैठने की जानकारी पर एसडीएम देवेश कुमार गुप्त धरनास्थल पर पहुंचे। यहां परिवार से वार्ता की। उन्होंने बताया कि तहसीलदार को तीन दिन में समस्या निस्तारण के निर्देश दिए हैं। निराकरण न होने पर वह स्वयं मौके का निरीक्षण कर सरकारी चकरोड से कब्जा हटवाएंगे। एसडीएम के आश्वासन के बाद परिवार ने भूख हड़ताल खत्म कर दी।