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चार अस्थायी गोशाला से 90 गोवंश लापता, प्रधान व सचिव को नोटिस

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कन्नौज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गो-संरक्षण को लेकर पूरे प्रदेश में छेड़ी गई मुहिम को उनके ही जिम्मेदार पलीता लगा रहे हैं। जिले में गोवंशों की देखभाल के लिए बनाई र्गइं गोशालाएं ही उनके लिए मुसीबत बन गई हैं। यहां चारे-पानी के बाद की अनदेखी के बाद गोवंश लापता होने लगे हैं। डीएम की सख्ती के बाद ग्राम प्रधानों व सचिवों को नोटिस भेजा गया है। अगर गोवंश का पता नहीं लगा तो जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने मुख्यमंत्री के आदेश पर जिलेभर में गोवंशों की सुरक्षा के लिए अस्थायी गोशालाओं का निर्माण करवाया था। डीएम ने इन गोशालाओं की हकीकत को जानने को जिला स्तरीय अफसरों की जिम्मेदारी सौंपी। विकास खंड उमर्दा की कई पंचायतों में गोवंश लापता मिले। अफसरों के पूछने पर जिम्मेदार सही जवाब नहीं दे सके। यहां की ग्राम पंचायत लिलुइया की अस्थायी गोशाला में 43 गोवंश लापता मिले। अफसर ने सचिव से इस मामले में पूछताछ की तो वह कुछ भी नहीं बता सके।
इसी तरह अस्थायी गोशाला खानपुर में 17, ग्राम पंचायत महतेपुर्वा में 17 व ग्राम पंचायत नुरारी में 13 गोवंश काफी समय से लापता हैं। अफसरों को अंदेशा है या तो यह गोवंश मर गए या इन्हें छोड़ दिया गया है। इससे इनका पता नहीं चल सका है। डीएम के आदेश के बाद उमर्दा बीडीओ सरला देवी ने ग्राम प्रधानों व सचिवों को नोटिस दिया है। इसमें साफ कहा गया कि गोवंश की देखभाल की जिम्मेदारी आपकी थी। ऐसे में लापरवाही क्यों की गई। दोनों से दो दिन में लापता गोवंशों के बारे में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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