प्रशिक्षण के दौरान दी गई तकनीकी जानकारी के हिसाब से
ही गांव में शौचालयों का निर्माण कराएं, क्योंकि सभी शौचालयों के निर्माण
की समीक्षा प्रतिदिन की जाएगी।
यह बात पंचायती राज विभाग व विश्व बैंक
के संयुक्त तत्वावधान में रविवार की दोपहर राजकीय मेडिकल कालेज के पीआरए
भवन में स्वच्छ भारत मिशन के तहत राज मिस्त्रियों, ग्राम प्रधानों, ग्राम
पंचायत अधिकारियों, समन्वयक व खंड प्रेरकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर
के शुरुआत में जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कही।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ
भारत मिशन के तहत कन्नौज जनपद के 50 गांव को खुले में शौच से मुक्ति कराने
के लिए अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत जिन लोगों के घरों में
शौचालय नहीं बने हैं, उनकी सूचियां बनाकर उनके शौचालयों का निर्माण कराया
जा रहा है।
शौचालय का निर्माण किस तरह से कराया जाए, जिससे उसका समुचित लाभ
गांव के लोगों को मिल सके, इसके लिए लखनऊ व महाराष्ट्र से आए विषय
विशेषज्ञ तकनीकी जानकारियां उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने मौजूद प्रधानों
और सेक्रेटरियों से कहा कि यहां दी गई तकनीकी जानकारी के हिसाब से ही गांव
में शौचालयों का निर्माण कराए।
सभी शौचालयों के निर्माण की समीक्षा
प्रतिदिन की जाएगी। विषय विशेषज्ञ श्रीकांत नार वेकर ने राज-मिस्त्रियों को
द्विकूप शौचालय के निर्माण की रचना वीडीओ स्क्रीन के जरिए दिखाकर समझाई।
उन्होंने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए स्थान का चयन अति महत्वपूर्ण है।
इसके लिए निचली सतह की जमीन का चुनाव न करे।
शौचालय के लिए खोदे जाने वाले
गड्ढे से जल श्रोत में दूरी बनाए रखें, जिससे गड्ढे का दूषित पानी, हैंडपंप
व कुएं तक न पहुंच सके। शौचालय निर्माण के लिए पथरीली जमीन का चुनाव न
करें। गड्ढे की सेप का निर्माण गोलाई में करें। इस दौरान डीपीआरओ जेके
केसरवानी, बीडीओ उमर्दा रामउदरेज यादव व लखनऊ से आए विषय-विशेषज्ञ वकील
अहमद सहित कई लोग मौजूद थे।