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Kannauj News: डिपो में बसें नदारद, करोड़ों का बस स्टॉप बेकार

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फोटो-30 सीकेटीपी 04-बेड़ीपुलिया चौराहा के पास बना रोडवेज बस स्टॉप। संवाद
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चित्रकूट। एक साल पहले परिवहन निगम की ओर से रोडवेज बस स्टेशन का दर्जा मिलने के बावजूद चित्रकूट डिपो के पास अपनी एक भी बस नहीं है। सात अनुबंध पर चल रही बसें यात्रियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं दे पा रही हैं जिससे उन्हें अन्य डिपो की बसों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। करोड़ों की लागत से बना यह बस स्टेशन बसों के अभाव में बेकार साबित हो रहा है। यहां पर एआरएम सहित चार नियमित कर्मचारी तैनात हैं।
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शहर से प्रतिदिन प्रयागराज, महोबा, बांदा, मानिकपुर, राजापुर और फतेहपुर के लिए यात्रा करने वाले सात से आठ हजार यात्रियों को नए बस स्टॉप से सुविधा मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, नियमित बसों के संचालन के अभाव में उन्हें अभी भी कर्वी स्थित अस्थायी बस स्टॉप तक जाना पड़ता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज से आने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बस स्टैंड मात्र एक शोपीस बनकर रह गया है जहां न तो बसों का ठहराव होता है और न ही डिपो की कोई अपनी बस है।


डग्गामार वाहनों का बोलबाला

डिपो के पास अपनी बसों की कमी का सीधा फायदा डग्गामार वाहन चालकों को मिल रहा है। डिपो की सात अनुबंधित बसों से प्रतिदिन 50 हजार रुपये तक राजस्व मिलता है। दूसरी ओर डग्गामार वाहन चालक प्रतिदिन एक से दो लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं। इस कारण बस स्टॉप से कुछ ही दूरी पर बेड़ी पुलिया चौराहे के पास डग्गामार वाहनों की संख्या बढ़कर 50 तक पहुंच गई है।
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पेट्रोल पंप सुविधा का इंतजार

रोडवेज बस स्टेशन में पेट्रोल पंप सुविधा न होने के कारण बसों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि नए साल जनवरी में पेट्रोल पंप संचालन शुरू होने की उम्मीद है जिसके बाद डिपो को 48 बसें मिलेंगी। इससे यात्रियों को परिवहन की बेहतर सुविधाएं मिलने लगेंगी। -प्रेमलाल, कार्यवाहक इंचार्ज रोडवेज डिपो चित्रकूट

फोटो-30 सीकेटीपी 04-बेड़ीपुलिया चौराहा के पास बना रोडवेज बस स्टॉप। संवाद

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