कन्नौज। माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की 18 फरवरी से प्रस्तावित परीक्षा को लेकर गुरुवार को कन्हैयालाल सरस्वती विद्या मंदिर में प्रधानाचार्यों की बैठक हुई। यहां नकल विहीन परीक्षा कराए जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही कहा गया कि परीक्षार्थियों के जूते-मोजे नहीं उतरवाए जाएंगे।
एडीएम गजेंद्र कुमार ने कहा कि यूपी बोर्ड परीक्षा कड़ी निगरानी में कराई जाए। परीक्षा के दौरान किसी तरह की लापरवाही न बरतें। निरीक्षण के समय कोई संदिग्ध व्यक्ति मिलता है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। डीआईओएस राजेंद्र बाबू ने निर्देश दिए कि प्रधानाचार्य प्रश्नपत्रों, उत्तर पुस्तिकाओं को कड़ी सुरक्षा में रखने का प्रबंध कर लें। शौचालय, विद्युत, पेयजल, फर्नीचर सहित अन्य सुविधाओं को दोबारा देख लें। किसी तरह की कमी हो तो उसे भी ठीक कर लिया जाए। परीक्षा के दौरान छात्रों को सीटिंग प्लान के तहत बैठाया जाएगा। परीक्षा में तलाशी के समय छात्र-छात्राओं के जूते-मोजे नहीं उतरवाए जाएंगे। छात्राओं की तलाशी महिला शिक्षक ही लेंगी।
जिला मुख्यालय से प्रश्नपत्रों का वितरण 10 फरवरी से शुरू कर दिया जाएगा। प्रश्नपत्रों को कड़ी सुरक्षा में रखवाया जाए। अगर कोई प्रश्नपत्र कम है तो इसकी तत्काल सूचना दें। यहां कन्हैयालाल सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य शिवपाल विश्वकर्मा, डालचंद्र इंटर कालेज लुखरिया के प्रधानाचार्य डॉ.अंकित यादव, डॉ.दिनेश सिंह, डॉ.आरपी कटियार, वीके श्रीवास्तव, विंदेश्वरी पाठक, पुष्पा देवी, रीना कनौजिया, शिवमोहन कुशवाहा व परीक्षा सहायक अमित द्विवेदी, लिपिक राजेश सैनी समेत अन्य कालेजों के प्रधानाचार्य व कर्मचारी मौजूद रहे।
200 मीटर परिधि में लागू रहेगी धारा 144
यूपी बोर्ड परीक्षा के समय परीक्षा केंद्र से 200 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू रहेगी। उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। एडीएम ने कहा कि परीक्षा के समय ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा केंद्र के आसपास फोटो कॉपी मशीनें भी बंद रहेंगी।
परीक्षा के लिए बनाए गए 79 केंद्र व्यवस्थापक
परीक्षा के लिए 79 केंद्र व्यवस्थापकों की सूची फाइनल हो गई है। अनुदानित व राजकीय इंटर कालेज में विद्यालय के प्रधानाचार्य को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है। वित्त विहीन विद्यालय में वहां के प्रधानाचार्य को सह केंद्र व्यवस्थापक व वित्त विहीन परीक्षा केंद्रों पर अनुदानित व राजकीय विद्यालयों के प्रवक्ता व सहायक अध्यापक को केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।