तीसरे चरण के मतदान के दौरान गुगरापुर क्षेत्र के
गांव कुसुमखोर में दो बीडीसी के समर्थकों में गालीगलौच के बाद मतदान केंद्र
पर मारपीट हो गई। इसके बाद इनके समर्थक भी लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे से
भिड़ गए। सूचना पाकर पहुंचे पुलिस बल ने लाठियां पटककर उपद्रवियों को
खदेड़ा।
कुसुमखोर में बसपा नेता मैनूर के पुत्र सदरूफुल हक बीडीसी का
चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि गांव के कमरुल का भतीजा भी बीडीसी के लिए मैदान
में है। शनिवार की शाम करीब साढ़े चार बजे सदफरुल व कमरुल भिड़ गए। दोनों
एक-दूसरे के ऊपर फर्जी वोटिंग का आरोप लगा रहे थे। नोकझोंक के बाद गालीगलौच
व मारपीट शुरू हो गई।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थक भी मतदान
केंद्र के पास पहुंच गए और लाठियां लेकर एक-दूसरे को पीटने लगे। इससे मतदान
केंद्र पर भगदड़ मच गई। पीठासीन अफसरों ने घटना की जानकारी बड़े अफसरों को
दी। इस पर एसडीएम सुनील शुक्ला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस
दौरान फोर्स ने लाठियां पटककर दोनों पक्षों को खदेड़ दिया।
कोतवाल
भुल्लन यादव ने बताया कि कुसुमखोर मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग को लेकर
मारपीट हुई है। चौकी प्रभारी को निर्देश दिए गए कि तहरीर मिलते ही मुकदमा
दर्ज करें। यदि झगड़ा करने वाले तहरीर नहीं देते, तो पुलिस अपनी ओर से
एफआईआर दर्ज करेगी।
उधर, गुगरापुर विकास खंड के पूर्व ब्लाक प्रमुख और
डीडीसी पद के प्रत्याशी मुकेश कटियार उर्फ रिंकू व उनके कई समर्थकों के
खिलाफ सदर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इसमें उन पर वोटरों को
लुभाने को साड़ियां बांटने का आरोप लगाया गया है।
सदर कोतवाल ने बताया कि
कोतवाली क्षेत्र के नरायनपुर गांव में शुक्रवार की शाम वोटरों को साड़ियां
बांटी जा रही थीं। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस
को आया देख मुकेश अपने साथियों के साथ मौके से भाग निकले। इस दौरान 53
साड़ियों का गट्ठर बरामद हुआ।
पूछताछ के दौरान ग्रामीणों ने जानकारी दी कि
यह साड़ियां पूर्व ब्लाक प्रमुख मुकेश कटियार व उनके समर्थक बांट रहे थे।
कोतवाल के अनुसार इस मामले में मुकेश कटियार उर्फ रिंकू निवासी राजूपुर व
उनके समर्थकों के खिलाफ चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के तहत एफआईआर
लिखी गई है।