गांव कटरी फिरोजपुर में मकान के पास तक पहुंचा कटान।
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गंगा शांत हुईं तो काली नदी ने अब लोगों की नींद उड़ानी शुरू कर दी है। गंगा नदी का जलस्तर इस समय 124.070 मीटर से भी नीचे है। ऐसे में गंगा नदी किनारे बसे सभी गांव बाढ़ से पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन काली नदी किनारे बसे गांव जैसे मिश्रीपुर, कटरी फिरोजपुर जैसे गांव किनारों से काली नदी का पानी उतरना तो शुरू हो गया है। लेकिन तेजी से हो रहे कटान ने अब ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।
काली नदी किनारे बसे सदर तहसील क्षेत्र के गांव कटरी फिरोजपुर निवासी जदुवीर, ओमसिंह, रामप्रसाद, नन्हे, शिवराम, रामतीर्थ व बालकराम सहित अन्य कई ग्रामीण बताते हैं कि अभी तक गांव की सीमा तक पानी भरा हुआ था। इससे गांव में आना-जाना भी परेशानी का सबब बना हुआ था। ग्रामीणों के मुताबिक बच्चों ने अभी भी स्कूल जाना शुरू नहीं किया है। ग्रामीण जदुराम बताते हैं कि बाढ़ का पानी तो घट रहा है, लेकिन उसी के साथ चल रही तेज हवाओं के चलते मकानों के आसपास तेजी से कटान भी हो रही है।
कई मकानों के बिल्कुल पास तक पानी आ गया है। इससे लोग रातों में सो नही पा रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। बाढ़ की वजह से गांव के किनारे कई जगह दलदलनुमा गड्ढे बन गए हैं। इससे हादसे का खतरा है।
रामप्रसाद के मकान से कटान केवल चंद पांच-छह कदम की दूरी पर ही है। रामप्रसाद ने बताया कि उन्होंने कटान रोकने के लिए जहां तक कटान आ गया है वहीं पर कई कांटेदार पौधे, बांस की लकड़ियां और भी कई बोरी तिरपाल लगा दी हैं। ताकि कटान में कुछ कमी आए। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई मदद नहीं मिली है और न ही कोई अधिकारी उनके गांव में हालात देखने आया है। इससे उनमे रोष है।