निकाय चुनाव में भाजपा के तिर्वा और छिबरामऊ विधायक ने एक-एक सीट जिताकर अपनी साख बचा ली। इस मामले में समाजवादी पार्टी के सदर विधायक पीछे रहे। वे कन्नौज नगर पालिका की सीट जिताने में कामयाब नहीं हो सके।
निकाय चुनाव में भाजपा के तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत अपने निर्वाचन क्षेत्र की तिर्वा सीट तो नहीं जीत पाए, लेकिन सौरिख नगर पंचायत पर भाजपा को जीत दिलाकर वह साख बचाने में कामयाब हो गए।
छिबरामऊ विधायक/आबकारी राज्यमंत्री अर्चना पांडेय छिबरामऊ सीट पर भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने में कामयाब रहीं, लेकिन वह सिकंदरपुर, गुरसहायगंज, समधन, तालग्राम की सीट पर भाजपा प्रत्याशियों को नहीं जिता सकीं।
आबकारी मंत्री का कहना है कि सिकंदरपुर सीट पर भाजपा ने किसी प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया था, वहां पर समर्थित उम्मीदवार ही जीता है। गुरसहायगंज, तालग्राम सीट पर पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा है। यह चुनाव लोकल होते हैं।
इससे पार्टी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को हताश होने की जरूरत नहीं है, दुगनी ताकत से आने वाले चुनाव लड़े जाएंगे। सदर सपा विधायक अनिल दोहरे का कहना है कि पार्टी का प्रदर्शन सदर सीट पर बेहतर रहा है,
लेकिन पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ने के कारण सपा को यह सीट गंवानी पड़ गई है। इसकी समीक्षा होगी और जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर चुनाव लड़ा है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।