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पीएम की जनसभा से पिछड़ा वर्ग को साधने की कोशिश

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कन्नौज। सपा के गढ़ इत्र नगरी कन्नौज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 12 फरवरी को प्रस्तावित जनसभा के कई मायने हैं। दरअसल, दरअसल, पीएम के आने से जनपद समेत पड़ोसी 10 विधानसभा क्षेत्रोें में करीब 50 फीसदी पिछड़ा वर्ग की आबादी पर इसका असर पड़ेगा। यही वजह है कि तिर्वा के मां अन्नपूर्णा मंदिर मैदान में इस जनसभा के दौरान सभी दसों भाजपा प्रत्याशी मौजूद रहेंगे।
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जिले के तिर्वा कस्बे से औरैया और इटावा सटे हुए हैं। इसके अलावा फर्रुखाबाद की भोजपुर विधानसभा भी जिले की सीमा से लगी हुई है। इटावा की तीन सीटों में से एक जसवंतनगर से सपा के कद्दावर नेता शिवपाल यादव भी चुनाव लड़ रहे हैं। पीएम के तिर्वा आने से भाजपा शिवपाल को झटका देने की तैयारी में है। इसके अलावा औरैया की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में मोदी के आने से बीजेपी को लाभ मिलेगा।
कन्नौज जिले की तीनों सीटों पर भाजपा की प्रतिष्ठा लगी है। 2017 के विधानसभा चुनाव में छिबरामऊ और तिर्वा तो भाजपा की झोली में आ चुकी हैं, मगर सदर सीट पर सपा का ही दबदबा रहा है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव के करीबी अनिल दोहरे ने जीत की हैट्रिक लगाई। इस बार सदर से बीजेपी ने तेज तर्रार पूर्व पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को चुनावी रण में उतार कर अपने मंसूबे साफ कर दिए हैं। सदर सीट किसी हालत पर जीतना भाजपा की प्राथमिकता पर है। (संवाद)
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पीएम का इत्र नगरी से जुड़ाव
पीएम मोदी का इत्र नगरी से गहरा लगाव है। जनसभा करने के लिए वह चौथी बार कन्नौज आ रहे हैं। सबसे पहले 2009 में गुजरात के सीएम के तौर पर लोकसभा चुनाव में कन्नौज के बोर्डिँग ग्राउंड पर जनसभा करने आए थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में गुरसहायगंज के मिलिट्री ग्राउंड पर जनसभा की थी। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में आए थे।
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