शहर में हाल के सांप्रदायिक संघर्ष में बेकसूरों को फंसाए जाने का आरोप लगाकर कुछ भाजपाई बुधवार को अनशन के इरादे से कलेक्ट्रेट जा पहुंचे। पुलिस ने पूर्व विधायक व सभासद समेत पांच भाजपाइयों को हिरासत में ले लिया। यह पता चलने पर एक अन्य पूर्व विधायक समेत बड़ी संख्या में भाजपाइयों ने कलेक्ट्रेट में हंगामा किया और धरने पर बैठ गए।
यह देख पुलिस ने सभी को छोड़ दिया। उधर स्वाट टीम ने चार महीने पहले शहर में सांप्रदायिक संघर्ष के मामले में वांछित तीन भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें जेल भेज दिया गया है। भाजपाइयों ने इस मुद्दे पर दो दिन पहले कलेक्ट्रेट में क्रमिक अनशन की घोषणा की थी। जिला प्रशासन को इसकी लिखित जानकारी दी थी।
बुधवार सुबह 11 बजे भाजपा के पूर्व विधायक कल्यान सिंह दोहरे व सभासद राजेश दिवाकर समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के सामने क्रमिक अनशन करने पहुंचे। तभी सदर कोतवाल भुल्लन यादव ने पूर्व विधायक व सभासद समेत पांच भाजपाइयों को हिरासत में ले लिया। पुलिस सभी को जीप से किसी अज्ञात स्थान पर ले गई।
भाजपाइयों ने मामले की सूचना तुरंत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी। दोपहर 12 बजे पूर्व विधायक बनवारी लाल दोहरे, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अर्चना पांडेय, जिला महामंत्री शैलेंद्र प्रताप सिंह, गंगा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अजब सिंह, तरुण चंद्रा की अगुवाई में सौ से ज्यादा भाजपाई नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
मुख्य मार्ग के बीचोबीच झंडारोहण स्थल पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान भाजपाइयों की पुलिस व प्रशासनिक अफसरों से तीखी नोकझोंक हुई। मामले की सूचना मिलते ही अपर एसपी सुभाष चंद्र शाक्य, एसडीएम सदर सुनील शुक्ला, सीओ सदर करन सिंह मौके पर पहुंचे।
भाजपाइयों ने दो टूक कहा या तो हिरासत में लिए गए पूर्व विधायक समेत पांचों भाजपाइयों को छोड़ा जाए या फिर उन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। इस संबंध में वरिष्ठ अफसरों से बात होने के बाद दोपहर दो बजे पुलिस जीप पांचों भाजपाइयों को लेकर डीएम व एसपी कार्यालय के बाहर पहुंची।
यहां जब्त मोबाइल फोन लौटाकर सभी को छोड़ दिया गया। इससे भाजपाई शांत हो गए।