तालग्राम से तिर्वा जाने वाले मार्ग को मवइया तक
जोड़ने वाली सड़क पर कई जगह गड्ढों की भरमार है। उखड़ी पड़ी गिट्टी
आने-जाने वाले राहगीरों के लिए बवाल-ए-जान बनी है। आए दिन दोपहिया वाहन
चालक बाइक फिसलने से चुटहिल हो जाते हैं।
कई बार शिकायत के बावजूद
पीडब्ल्यूडी के अधिकारी व जनप्रतिनिधि इस मार्ग की मरम्मत कराने की तरफ
ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे आसपास के लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
माधौनगर के प्रधान अनुराग, सिंघनापुर के प्रधान अमर सिंह, नेपालपुर के
प्रधान गुरु प्रसाद, गदौरा के प्रधान ओमकार गुप्ता, तालग्राम देहात के
प्रधान तोताराम शर्मा आदि का कहना है कि इस मार्ग को चार-पांच साल पहले
बनवाया गया था, जो काफी घटिया किस्म का है।
इस कारण जल्द ही मार्ग की हालत
खस्ता हो गई है। इस रोड पर नेपालपुर, अमोलर, सीतापुरवा, मझइया, गदौरा,
फिरोजपुर, तरेपुरवा, सिंघनापुर, ककरहा, पहलपुरवा, कुशलपुरवा, गदनापुर समेत
दर्जनों गांवों के लोग आते-जाते हैं। स्कूली छात्र-छात्राएं भी यहीं से
स्कूल पहुंचते हैं। अफसरों की लापरवाही से रोड नहीं बन पा रही है।
रघुवीर,
तेजराम, रामकिशोर, पूर्व प्रधान रामकुमार पटेल, पूर्व प्रधान कन्हैयालाल
का कहना है कि तालग्राम से मवइया तक सात किमी मार्ग पर मवइया से महानगर के
बीच हालत सबसे ज्यादा खराब है। कई-कई फिट गहरे गड्ढे बवाल-ए-जान बने हैं।
अकसर वाहन खराब होकर खड़े हो जाते हैं, जिससे जाम लग जाता है। गड्ढों से
धूल के गुबार भी उड़ते हैं और टायरों के नीचे आने के बाद गिट्टी उछलकर पैदल
चलने वाले लोगों को लग जाती है, जिससे वे घायल हो जाते हैं।