सौरिख (कन्नौज)। थाने में शिकायत करने पहुंचे भाजपा नेता ने अभद्रता का आरोप लगाते हुए थाने में धरना दिया। भाजपाइयों ने नारेबाजी करते हुए कोतवाल को हटाने की मांग की। वहीं, एसपी प्रशांत वर्मा ने कोतवाल विजय बहादुर वर्मा को हटा दिया। उसने स्थान पर महिला थानाध्यक्ष रहीं पूनम अवस्थी को कार्यभार सौंपा है।
सोमवार दोपहर भाजपा के मंडल संयोजक एवं कार्यवाह मंडल अध्यक्ष अखिलेश राजपूत अपने साथ शिकायतकर्ता औरैया रामगढ़ निवासी राजीव कुमार सिंह व अन्य साथियों के साथ थाने पहुंचे। भाजपा नेता अखिलेश राजपूत का आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर वर्मा ने उनकी शिकायत नहीं सुनी और अभद्रता करते हुए थाने से भगा दिया। अखिलेश राजपूत ने अपने साथ हुई अभद्रता की जानकारी भाजपा पदाधिकारियों को दी। कुछ ही देर में थाना परिसर में भाजपा नेताओं का जमावड़ा लग गया। महिला प्रकोष्ठ की कार्यकर्ता पहुंच गईं और वहीं दरी बिछाकर बैठ गईं। भाजपाइयों ने पुलिस प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए प्रभारी निरीक्षक को हटाने की मांग करने लगे। थाना परिसर में भाजपाइयों के धरने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। धरना प्रदर्शन में राहुल गुप्ता, पिंकू वर्मा, अजय, बासु दुबे, पंकज राजपूत, आकाश, अनिल राजपूत, अंकित, दीपू गुप्ता, फाल सिंह, गजेंद्र सिंह, विवेक गुप्ता, जितेंद्र शर्मा ,सौरभ गुप्ता, मंजेश, इंतजार अली, दिलदार हुसैन, कन्हैया, महेंद्र प्रधान, चेयरमैन प्रतिनिधि ओमी चतुर्वेदी, राघव दुबे, मुकेश पाठक अशोक राठौर, महिला मोर्चा की कल्याणी मिश्रा, रेखा त्रिपाठी, वीना चौहान सहित कई भाजपाई मौजूद रहे।
वहीं, प्रभारी निरीक्षक सौरिख, विजय बहादुर वर्मा ने बताया कि भाजपा नेता ने अभद्रता के जो आरोप लगाए हैं, वह बेबुनियाद और निराधार हैं। पुलिस के मुकदमे में वांछित चल रहे कुछ लोगों के उकसाने पर मामले को हाई प्रोफाइल बनाया गया है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
थाने परिसर में धरने को लेकर कुछ भाजपा नेता धरने को खत्म करने की बात कह रहे थे। जिसको लेकर धरने में बैठे कुछ भाजपा नेताओं में आपस में झड़प होने लगी, जिसे कुछ भाजपा नेताओं ने समझा-बुझाकर शांत कराया।