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बिना जांच रिपोर्ट सौंपे चले गए एसडीएम तिर्वा

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कन्नौज। पट्टा आवंटन में हुए खेल की जांच रिपोर्ट सौंपने की हिम्मत तत्कालीन एसडीएम तिर्वा महेंद्र कुमार नहीं जुटा सके। वह तबादले पर सुल्तानपुर चले गए। डीएम के कहने के बाद भी उन्हें जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। अब जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने नए एसडीएम को जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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तिर्वा तहसील की ग्राम पंचायत खामा की 62 बीघा जमीन का पट्टा मलगवां ग्राम पंचायत में रहने वाली रामश्री पत्नी वीरभान के नाम कर दिया गया था। यह नियम विरुद्ध था। नियमानुसार ग्राम पंचायत की जमीन को उसी ग्राम पंचायत में रहने वाले पात्र व्यक्ति को पट्टा दिया जा सकता है। ग्राम प्रधान पति वीरभान यादव ने 19 सितंबर को डीएम से गड़बड़ी की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि तहसील अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों की जमीन का नियम विरुद्ध पट्टा किया गया है। डीएम ने भी प्रथम दृष्टया मामला सही पाया। उन्होंने जांच के निर्देश तत्कालीन एसडीएम महेंद्र कुमार को दिए। महेंद्र कुमार ने जांच की। जांच में आरोप सही पाया गया। एसडीएम ने तहसील अधिकारियों की मिलीभगत भी पाई थी। जांच पूरी होने के दौरान छिबरामऊ में लेखपाल और वकीलों के बीच विवाद हो गया।
विवाद के बहाने एसडीएम महेंद्र कुमार ने आजकल कर जांच रिपोर्ट अपने पास रोके रखी। इसे डीएम को नहीं दिया गया। 23 सितंबर को एसडीएम महेंद्र कुमार जांच रिपोर्ट दिए बिना यहां से सुल्तानपुर रवाना हो गए। वहीं ग्राम प्रधान पति वीरभान यादव ने बताया कि तहसील में आरके बाबू कार्यालय में वरासत से जुड़े रजिस्टर के कुछ पन्ने गायब हो चुके हैं। रामश्री से जुड़ी विरासत जिस पन्ने पर दर्ज की गई थी, वह गायब है। अधिकारी अब पूरे मामले में खेल कर रहे हैं। यह डीएम को रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। तहसीलदार विशेश्वर सिंह से उनकी बात हुई है। उन्होंने एसडीएम तिर्वा रहे महेंद्र कुमार को अपनी जांच सौंप दी थी। वह जांच रिपोर्ट रोके रहे।
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यह था मामला
कन्नौज। तिर्वा तहसील की ग्राम पंचायत खामा में 2003 में गांव के राम सिंह, प्रकाश देवी, दलवीर, राधिका देवी, रामस्वरूप, संता देवी, वासुदेव, रेशमा देवी, राजबहादुर, मुन्नीदेवी, संतराम और रामबेटी के नाम ढाई-ढाई बीघा जमीन का पट्टा किया गया था। इसे 2018 में इन लोगों को अपात्र बताकर निरस्त कर दिया गया। इसके चार माह बाद गांव की करीब 62 बीघा जमीन का पट्टा मलगवां ग्राम पंचायत में रहने वाली रामश्री पत्नी वीरभान यादव के नाम कर दिया गया। इसी की शिकायत डीएम से की गई थी।
जांच में ग्राम प्रधान और उनके पति के आरोप सही मिले हैं। पट्ट आवंटन में बड़ा खेल किया गया है। तहसील तिर्वा के ही कुछ लोगों की मिलीभगत की भी जानकारी हुई है। जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। पट्टा निरस्त कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- रवींद्र कुमार, जिलाधिकारी।
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