बिहार से रुपये देकर महिला को पत्नी बनाकर लाने के
बाद करीब सवा दो वर्ष पहले उसकी हत्या कर शव गायब करने वाले युवक को पुलिस
ने गिरफ्तार कर लिया है। मुकदमा दर्ज होने के करीब 16 महीने बाद पुलिस को
उसे पकड़ने में सफलता मिली है।
पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया
कि छिबरामऊ थाने के गांव निगोह खास निवासी इंदिरा देवी पत्नी सुनील की
तहरीर पर 29 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज किया गया था। उसने अपनी चचेरी बहन
धनवंती पुत्री भोला महतो निवासी प्लाजा घाट जिला छपरा बिहार के गायब होने
पर रिनू पुत्र रामप्रकाश निवासी निगोह खास थाना छिबरामऊ के खिलाफ केस किया
था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद रिनू फरार हो गया। इस मामले का खुलासा करने के
लिए छिबरामऊ कोतवाल सीएल वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई। एसपी के अनुसार,
छिबरामऊ पुलिस ने शुक्रवार की सुबह साढ़े छह बजे निगोह खास तिराहा से रिनू
को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त रिनू ने अपना जुर्म कबूल
कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि वह बिहार से धनवंती को 37 हजार रुपये में
पत्नी बनाकर रखने के उद्देश्य से लाया था, पर उसके हकलाने व बीमार रहने के
कारण समाज में उसकी बदनामी होने लगी।
इस पर उसने धनवंती से पीछा छुड़ाने के
लिए 11 दिसंबर 2014 को उसे अपनी बहन के घर घुमाने के बहाने ले गया। उसे
बेवर, मैनपुरी, फीरोजाबाद, शिकोहाबाद, आगरा, फतेहपुर सीकरी होते हुए भरतपुर
से चलकर मेहंदीपुर बालाजी का दर्शन कराने ले गया। इसी दौरान एक पहाड़ी पर
चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी और शव झाड़ियों में छिपा दिया।