बीड़ी मजदूरी की दरों को लागू न करा पाने को लेकर
तमाम बीड़ी श्रमिकों ने श्रम प्रवर्तन कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की।
बाद में श्रम प्रवर्तन अधिकारी को ज्ञापन देकर दो सप्ताह में बढ़ी हुई दरें
लागू कराने की मांग की है। साथ ही ऐसा न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी
है।
श्रमिक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जर्रार खां व जिलाध्यक्ष
शायदा बेगम के नेतृत्व में सोमवार को दर्जनों बीड़ी मजदूरों ने गांधीनगर
स्थित श्रम प्रवर्तन अधिकारी के कार्यालय का घेराव किया। प्रदेश अध्यक्ष ने
कहा कि दो वर्ष पहले प्रदेश सरकार ने बीड़ी बनवाने की दर प्रति हजार 102
रुपये निर्धारित कर उसे लागू करने का आदेश जारी कर दिया था, पर श्रम विभाग
के अधिकारियों व बीड़ी कारखाना मालिकों से मिलीभगत के चलते अब तक बढ़ी हुई
दरें लागू नहीं की गई।
जिसके चलते बीड़ी मजदूरों को उनकी मेहनत का पैसा
नहीं मिल पा रहा है और मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। इसको लेकर कई
बार बीड़ी कारखाना मालिकों की बैठक श्रम विभाग के आयुक्त के साथ कानपुर में
वार्ता हुई, पर कोई नतीजा नहीं निकला। जिलाध्यक्ष शायदा बेगम ने कहा कि
मजदूरों को उनका हक दिलाकर रहेगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दो सप्ताह
में बढ़ी हुई दरें लागू न की गई तो सैकड़ों मजदूरों के साथ श्रम प्रवर्तन
कार्यालय के सामने भूख हड़ताल की जाएगी। इस दौरान तमाम लोगों ने श्रम
प्रवर्तन अधिकारी पंचेश्वरी देवी को ज्ञापन दिया जिस पर उन्होंने दो सप्ताह
के अंदर बढ़ी हुई मजदूरी की दरें लागू कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान
अब्दुल कुद्दूस, अयूब अली, फिरोज, अफरोज बानो, रिजवाना बेगम, अकील आदि
मौजूद थे।