कन्नौज। इत्र की नगरी में फूलों की खेती कर जीवन को खुशहाल बनाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। एक दशक पहले फूलों की खेती में उतरे खिदरियापुर के सरमन कहते हैं कि मोटे अनाज की खेती से फूलों की खेती बेहतर है।
उन्होंने खेतों में गेहूं बोना छोड़ दिया है। वहीं खिदरियापुर गांव में दर्जनों किसानों ने बेला व गुलाब की खेती शुरू कर दी है। गांव से कुछ दूरी पर प्रमोद कुमार ने पांच बीघे में बेला की फसल लगा रखी है।
सरमन कहते है कि किसी दूसरे की नौकरी करने से अच्छा है अपने खेत में फूलों की सेवा करो। जितनी मेहनत दूसरे के काम में है उतना ही श्रम खेत में लगा रहे हैं। उन्हें फूलों ने कभी धोखा नहीं दिया है। फूलों की खेती से अच्छा मुनाफा मिलता है। जिससे वह परिवार का खर्च उठा रहे हैं।