छिबरामऊ। बसपा जिलाध्यक्ष बबलू गौतम को सत्ता पक्ष के एक विधायक से संबंधों के चलते उच्च स्तरीय जांच के बाद पद से हटा दिया गया। उनकी जगह सुशील गौतम को दूसरी बार जिलाध्यक्ष बनाया गया। वहीं, निवर्तमान जिलाध्यक्ष ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि यह ओछी राजनीति है, जिसमें उनके ऊपर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सुशील गौतम एडवोकेट को दूसरी बार बसपा का जिलाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की है। सौरिख में जमीन के विवाद तथा लोकसभा चुनाव में हुए निराशाजनक प्रदर्शन के चलते इन्हें आठ माह बाद ही संगठन के जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया गया। इससे पहले जिलाध्यक्ष रहे सुशील गौतम को दूसरी बार संगठन में मौका दिया गया है।
सुशील गौतम के दूसरी बार जिलाध्यक्ष बनने पर जिला प्रभारी अवनेश जाटव, शिवशंकर, दीपक कठेरिया, सुधीर मौर्या, केडी वर्मा एडवोकेट, सुनील गौतम एडवोकेट आदि ने हर्ष व्यक्त किया है। वहीं, निवर्तमान जिलाध्यक्ष बबलू गौतम ने बताया कि सुशील गौतम का भी एक फोटो आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर के साथ वायरल हो रहा है। मेरे ऊपर लगाया गया आरोप निराधार है। पार्टी की तरफ से जो जिम्मेदारी दी जाएगी, उसका वह निर्वहन करेंगे।