कस्बे में आने-जाने वाली गलियों में जगह-जगह जल
निकासी के लिए बनी नालियां क्षतिग्रस्त व जर्जर हैं। वहीं कस्बे में गंदगी
की भरमार है। इससे संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
उमर्दा
के राम सिंह यादव, रमेश यादव, लाली, मनमोहन सिंह, रमेश स्वर्णकार, गुड्डू
यादव, नीलू राठौर, मोहित राठौर, इंद्रप्रताप सिंह, सर्वेंद्र सक्सेना, शीलू
सक्सेना, पिंटू यादव का कहना है कि कस्बे के मुख्य मार्ग के किनारे ही
जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। पुलिस चौकी रोड पर भी गंदगी की भरमार है।
जिला पंचायत राज विभाग की ओर से तैनात सफाई कर्मचारी नियमित नहीं आता है।
कई बार लिखित शिकायत की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि
भी इस मुद्दे पर उदासीन रवैया अपनाए हैं। नेताओं की निष्क्रियता के
कारण ही ब्लाक के अधिकारी भी टूटी नालियों की मरम्मत नहीं करा रहे हैं।
इस
कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी रास्ते में भरा है। इससे पैदल आने-जाने
वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मुख्य
विकास अधिकारी से मांग की कि वह कस्बे का भ्रमण कराकर जर्जर नालियों की
मरम्मत एवं सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराएं।