दहेज उत्पीड़न के मामले में कोर्ट ने दोष सिद्ध होने
पर पति और देवर को एक-एक साल की सजा तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना अदा
करने की सजा सुनाई है।
बजरिया निवासी नरेशचंद्र वर्मा की पुत्री
शालिनी वर्मा ने कोर्ट में परिवाद दायर कर कहा था कि उसकी शादी 12 मई 13 को
मैनपुरी के थाना बेवर अंतर्गत कछियाना निवासी रमेशचंद्र वर्मा के पुत्र
संदीप के साथ हुई थी। शादी में उसके पिता ने सामर्थ्य के अनुसार दहेज दिया
था, पर ससुराली खुश नहीं थे। वह लोग तीन लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
रुपये न देने पर प्रताड़ित किया करते थे। 26 नवंबर 13 को ससुरालियों ने
मारपीट कर भगा दिया था। उसने पति संदीप, देवर अखिलेश व ऋषि, सास प्रेमलता
और ससुर रमेश के विरुद्ध परिवाद दायर किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेंद्र
सिंह ने पति संदीप और देवर अखिलेश पर दोष करते हुए दोनों को एक-एक वर्ष के
कारावास और 5-5 हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई।