जलालाबाद (कन्नौज)। जिला जेल में बंदियों के भागने की दो घटनाओं के बाद जेल प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जेल की बाहरी 22 फुट ऊंची दीवार पर अब दो फुट ऊंचे कंटीले ब्लेडनुमा तार लगाए जाएंगे। इसका लक्ष्य भविष्य में कैदियों व बंदियों के भागने की संभावनाओं को खत्म करना है।
पिछले महीने के भीतर जेल से कैदियों के भागने की दो घटनाएं सामने आई थीं। पहली घटना पांच जनवरी को हुई जब दो बंदी कंबल की रस्सी से दीवार फांदकर फरार हुए। इसके बाद 27 जनवरी को अयोध्या जेल से भी दो शातिर बंदी दीवार फांदकर भाग निकले। इन घटनाओं ने जेल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। पुलिस महानिदेशक जेल पीसी मीणा ने मुख्य दीवार के चारों तरफ ब्लेडनुमा कंटीले तार लगाने के आदेश दिए हैं। हालांकि, जिला जेल में अभी तक तार लगाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। जेलर महेंद्र पाल ने बताया कि बाहरी दीवार पर तार लगाने का आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। बजट मिलते ही जेल के चारों तरफ दीवार पर कंटीले तार लगवाए जाएंगे। निगरानी बुर्जों पर निगरानी कैमरे भी लगवाए जाएंगे, जो 24 घंटे चालू रहेंगे।
जिला जेल की सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय
जेल प्रशासन ने कैदियों व बंदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। भागने की घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। 22 फुट ऊंची बाहरी दीवार पर दो फुट ऊंचे कंटीले ब्लेडनुमा तार लगाए जाएंगे। इन तारों से दीवार की ऊंचाई और सुरक्षा दोनों बढ़ जाएगी। यह कदम जेल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा।
फोटो :39: अंकित की फाइल फोटो। स्रोत : पुलिस
जेल से भागे बंदी को हरियाणा पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा
कन्नौज। जिला कारागार से फरार बंदी अंकित को शुक्रवार को हरियाणा पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। उसके पैर में गोली लगी है। जानकारी देते हुए एसपी विनोद कुमार ने बताया कि तालग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम हजरापुर निवासी अंकित पांच जनवरी को जिला कारागार की दीवार फांदकर भाग गया था। उसकी तलाश में एसओजी व सर्विलांस टीम को लगाया गया था और कानपुर रेंज के डीआईजी हरीश चंदर ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। हरियाणा पुलिस ने जानकारी दी कि अंकित ने मानेसर में एक कार चुराई थी। पुलिस ने ट्रेस किया तो अंकित सीसीटीवी में कैद हो गया। मानेसर में पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की तो उसने पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। उन्होंने बताया कि अंकित मानेसर में पहले भी रह चुका था। जेल से भागने के बाद वह वहीं चला गया और आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्त रहा था। उसका साथ शिवा उर्फ डिंपी पहले की गिरफ्तार हो चुका है।