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Kannauj News: नेग के लिए जनातियों से भिड़े बराती, लाठी-डंडों से पीटा, नौ घायल

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सिकंदरपुर। शादी समारोह में बुधवार की रात को नेग को लेकर नोकझोंक विवाद में बदल गई। नशे में धुत बरातियों ने जनातियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में वधू पक्ष के नौ लोग घायल हो गए। विवाद के बाद भाग रहे बरातियों को पकड़ने का प्रयास करने पर दो युवक कार की चपेट में आने से घायल हो गए। दोनों को अस्पताल से राजकीय मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया।
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छिबरामऊ के मोहल्ला सुभाष नगर निवासी स्वर्गीय शैलेंद्र प्रताप सिंह की बेटी संध्या सिंह की शादी बेवर थाने के मोहल्ला बजरिया निवासी उदयभान सिंह के पुत्र भूपेंद्र सिंह के साथ थी। नीयत समय पर वर पक्ष कस्बे स्थित चेतन गेस्ट हाउस में बरात लेकर पहुंच गया। द्वारचार के दौरान नेग के लेनदेन को लेकर वर व वधू पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच शराब के नशे में धुत कुछ बरातियों ने लाठी-डंडे लेकर वधू पक्ष के लोगों को पीटना शुरू कर दिया।
वधू पक्ष के लोगों ने मारपीट करने वाले युवकों को पकड़ना चाहा तो वह गाड़ी लेकर भागने लगे। गाड़ियों को रोकने के प्रयास में पथराव किया, जिससे कारों के शीशे टूट गए। भाग रहे बरातियों की कार की चपेट में आने से सौम्या (15) व विशाल (17) घायल हो गए। इसके अलावा मारपीट में आशीष मिश्रा (32), मनोज सिंह (36), विजय सिंह (25), सत्येंद्र सिंह (36), नीरज सिंह (42), नीरज (42) व नागेंद्र सिंह (30) घायल हो गए।
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पुलिस टीम के साथ पहुंचे चौकी प्रभारी गजेंद्र पाल सिंह ने सभी घायलों को भिजवाया। वहां हालत गंभीर होने पर सौम्या व विशाल को प्राथमिक इलाज के बाद राजकीय मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया। कोतवाल विष्णुकांत तिवारी ने चौकी पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विवाद को लेकर किसी पक्ष से तहरीर नहीं दी गई है।

पुलिस ने रिश्ता टूटने से बचाया

छिबरामऊ। चौकी इंचार्ज गजेंद्र सिंह पाल ने बताया कि संध्या सिंह के पिता शैलेंद्र प्रताप सिंह की मौत बीमारी के चलते वर्ष 2004 में हो गई थी। तब संध्या महज एक साल की थी। मां व भाई ने परिवार के लोगों के साथ शादी समारोह में लगे थे। अचानक विवाद होने संध्या के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने परिवार के दर्द को देखते हुए वर व वधू पक्ष के बुजुर्ग लोगों को बिठाकर समझा बुझाकर विवाद को शांत कराया। साथ ही दोनों पक्षों से अलग अलग वार्ता कर शादी की रस्में पूरी करने के लिए राजी किया। चौकी इंचार्ज के प्रयास से शादी संपन्न होने के बाद सुबह पुलिस की मौजूदगी में दूल्हे के साथ वधू को विदा किया गया।
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