नोटबंदी के बाद से बैंकों में आ रही नई करेंसी का रिजर्व बैंकों ने हिसाब मांगा है। रिजर्व बैंकों ने सभी बैंकों को निर्देशित किया है कि करेंसी चेस्ट से बैंक शाखाओं को जारी नई करेंसी डिटेल प्रतिदिन तैयार करें।
रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार कहा गया है कि रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख हो कि किस शाखा को दो हजार व पांच सौ के नोट दिए गए। इसमें जारी की गई करेंसी का सीरियल नंबर भी लिखा जाए ताकि पकड़ने पर इस बात की भी जांच की जा सके कि यह करेंसी किस बैंक के पास थी। यह रिकार्ड सभी बैंकों और करेंसी चेस्ट ब्रांचों को दो साल तक रखना होगा, ताकि रिजर्व बैंक वार्षिक निरीक्षण या बैंकों के इंटरनल आडिट में इसे पेश किया जा सके।
रिजर्व बैंक के अनुसार, इन रिकार्ड की औचक छानबीन भी की जा सकती है। कहा जा रहा है कि रिजर्व बैंक शाखाओं के पास से ग्राहकों का रिकार्ड भी परख सकता है। इस संबंध में ग्रामीण बैंक गुगरापुर के शाखा प्रबंधक मनीष कुमार ने बताया कि निर्देश मिल गए हैं। निर्देशानुसार काम किया जा रहा है।
जाली नोटों का भी मांगा विवरण
नई करेंसी की तरह रिजर्व बैंक ने बैंक शाखाओं में अब तक आई जाली करेंसी का भी विवरण मांगा है। रिजर्व बैंक ने बैंकों से इस रिपोर्ट को चरणबद्ध देने की बात कही है। यह पूरी जानकारी निर्धारित प्रोफार्मा में ही मेल के जरिए भेजी जाएगी। चिह्नित जाली नोट उसी बैंक शाखा में अलग और सुरक्षित रखे जाएंगे ताकि भविष्य में जांच के लिए इनका उपयोग किया जा सके। 10 नवंबर से नौ दिसंबर तक की रिपोर्ट 16 दिसंबर को, 10 से 16 दिसंबर की रिपोर्ट 23 दिसंबर को और 17 से 30 दिसंबर की रिपोर्ट छह जनवरी 2017 को भेजनी है। जिले की बैंकों ने रिकार्ड को दुरुस्त कर मिलान शुरू कर दिया है।