दीपावली सहित अन्य त्योहारों के चलते लगातार पांच
दिनों तक बंद रहीं बैंकों से मध्यम वर्गीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना
उठाना पड़ा। सोमवार को बैंकिंग डे होने के चलते जरूरतमंद लोग बैंक खुलने
के इंतजार में पहले से ही पहुंच गए, ताकि लाइन में लगकर जल्द ही काउंटर से
भुगतान अथवा जमा करने का काम पूर्ण कर लें।
वहीं एसबीआई, बीओबी, इलाहाबाद
बैंक, पीएनबी बैंक में भुगतान काउंटर पर लगे कई उपभोक्ताओं के बीच तीखी
झड़पें भी हुईं, जिन्हें सुरक्षा कर्मियों ने समझा-बुझाकर शांत कराया। बैंक
में उमड़ी भीड़ के चलते बैंक स्टाफ को पूरे दिन दोपहर को लंच करने की भी
फुर्सत नहीं मिल पाई।
उधर, एलडीएम अशोक कुमार के मुताबिक जिले भर की बैंकों
में सोमवार को करीब 50 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। कहा कि ज्यादातर बैंकों
में समस्त स्टाफ बुलाया गया था, ताकि भीड़ को ज्यादा दिक्कतें न हों।
उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में बैंकिंग सेवाएं पटरी पर आ जाएंगी।
ज्ञात हो
कि पिछले पांच दिनों से लगातार बैंक बंद चल रही थी। इस कारण रुपये का
लेनदेन करने वाले लोग काफी परेशान हो उठे थे। तमाम लोग अपने शुभचिंतकों को
पाकेट खाली होने की वजह से रुपये नहीं भेज पाए। बैंक खुलते ही आसपास
क्षेत्रों की भीड़ उमड़ पड़ी।
कैश काउंटर भुगतान जमा करने व निकालने वाले
लोगों की लंबी कतारें पूरे दिन चलती रही। बैंक में उमड़ी भीड़ को देखते हुए
बैंक प्रबंधकों को भी पहले से तैयारी करनी पड़ी। बैंक स्टाफ को पहले
से सूचित करके समय से पहले आने के निर्देश जारी किए गए।
इसके अलावा बैंक
प्रबंधकों ने सुरक्षा कर्मियों को खास निर्देश दिए थे कि बैंक आने वाले सभी
उपभोक्ताओं को लाइन से लगवाएं। उचक्कों पर विशेष निगाह रखी जाए। बड़ी
धनराशि निकालने वाले खाता धारकों को हिदायत दी गई थी कि वह धनराशि निकालने
के बाद किसी तरह की लापरवाही न बरते।
उधर, प्रधानी के चुनाव के चलते नए
खाता धारकों की सबसे अधिक भीड़ बैंकों में रही। ज्ञात हो कि चुनाव आयोग
ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि ग्राम प्रधानी का चुनाव लड़ने वाले
लोगों को चुनाव खर्चा के लिए अलग खाता रखना पड़ेगा। हालांकि, पुराने खाते
के लिए प्रशासन ने मंजूरी दे दी है।
पर तमाम ऐसे लोग चुनाव लड़ रहे, जिनका
अभी तक किसी बैंक में खाता ही नहीं है। इस कारण बड़ी तादात में खाता
खुलवाने वालों की भीड़ उमड़ी। यूको बैंक मैनेजर प्रांशुल ने बताया कि पांच
दिन बैंक खुली हैं, तो स्वाभाविक है कि बड़ी तादात में लोग आएंगे। हालांकि,
इन दिक्कतों से निपटने के लिए पहले ही पूरी तैयारी कर ली गई थी। इस कारण
किसी तरह की परेशानी नहीं है। ग्राम प्रधानी के नए खातों ने जरूर काम बढ़ा
दिया है।