कन्नौज/सौरिख। क्षेत्र के ग्राम हरिभानपुर में 10 करोड़ की लागत से 15 हजार क्षमता के स्टेडियम की हालत देखकर डीएम दंग रह गए। हर तरफ बड़ी-बड़ी घास खड़ी थी। पवेलियन की बालकनी की टूटी छत देख तैनात अफसरों को बुलाया। पता चला कि वह गैरहाजिर हैं। प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी से लेकर दोनों कोच और तीन कर्मचारी नहीं थे। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि यह लोग कभी कभार ही आते हैं। इस पर डीएम ने सभी का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। विभागीय कार्रवाई के लिए निदेशक खेल विभाग को पत्र लिखने के लिए कहा।
निरीक्षण के दौरान डीएम रवींद्र कुमार की नजर स्टेडियम में लगे हैंडपंप पर गई तो बताया गया कि इसे आर्थिक विकास त्वरित योजना के तहत जल निगम ने वर्ष 2018-19 में लगवाया था। इस पर डीएम ने सवाल किया कि क्रीड़ा अधिकारी रमेश पाल ने हैंडपंप लगवाने के लिए उनसे भी कहा था। हैंडपंप के लिए बजट भी जारी किया गया था। पैसा निकाल भी लिया गया। जब यह हैंडपंप जल निगम ने लगवाया था तो उनके द्वारा भेजा गया हैंडपंप का पैसा कहां गया। डीएम ने क्रीड़ा अधिकारी को फोन मिलाकर बात की। क्रीड़ा अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके तो उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने पैसा वापस न करने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी। स्टेडियम में डेली बेस पर काम कर रहे सोनू पुत्र कल्लू से डीएम ने जानकारी मांगी तो उसने बताया कि क्रीड़ा अधिकारी रमेश पाल, क्रिकेट कोच अमित यादव, हाकी कोच संजीव सप्ताह में दो या तीन बार ही आते हैं।
डीएम ने अनुपस्थित क्रीड़ा अधिकारी व कोच का वेतन काटने के साथ ही एसडीएम छिबरामऊ गौरव शुक्ला को अनुपस्थित तीन अन्य कर्मचारियों का भी वेतन रोकने के निर्देश दिए। सीडीओ प्रेमप्रकाश त्रिपाठी को हैंडपंप न लगाने की जांच कर वसूली करने और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह भी मौजूद रहे।
हालत देख कर लग रहा था, लंबे समय से नहीं हुए खेलकूद
कन्नौज। डीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि स्टेडियम में बड़ी-बड़ी घास और मिट्टी के ढेर देखकर लग रहा था कि लंबे समय से यहां खेलकूद नहीं हुए। सरकार ने खेलकूद को बढ़ावा देने और प्रतिभाओं को तराशने के दिशा निर्देश जारी कर रखे हैं। इसके बाद भी करोड़ों से बने स्टेडियम को लापरवाह अधिकारियों ने बदहाल कर दिया। क्रीड़ा अधिकारी, कोच और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए निदेशक खेल विभाग को पत्र लिखा जा रहा है।
तत्काल व्यवस्थाएं कराएं दुरुस्त
कन्नौज। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने निर्देश दिए कि स्टेडियम की साफ सफाई तत्काल कराई जाए। टूटी पवेलियन की बालकनी की मरम्मत भी कराई जाए। संबंधित अधिकारी और कर्मचारी समय से उपस्थित होकर बच्चों को खेलकूद का प्रशिक्षण दें। इससे कि उनकी प्रतिभा निखर सके। कहा कि बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के अतिरिक्त खेल की प्रतियोगिताओं में भी प्रथम स्थान पाकर भविष्य में राष्ट्र स्तर पर अपना नाम रोशन कर सकते हैं।
14 माह में बनकर तैयार हुआ था स्टेडियम
कन्नौज। सौरिख के हरिभानपुर में बने स्टेडियम को पूर्ववर्ती सरकार ने स्वीकृत किया था। 10 करोड़ छह लाख 61 हजार की लागत से बने इस स्टेडियम को 15 हजार दर्शक क्षमता का बनाया गया। निर्माण कार्य जनवरी 2014 में शुरू हुआ। इसे मार्च 2015 में बनाकर तैयार किया गया था। यहां स्टेडियम के अलावा प्रशासनिक भवन और आवासीय भवन का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य राजकीय निर्माण निगम ने किया था।