कन्नौज। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉक्टर रमेश चंद्रा ने कोविड नियमों का पालन करते हुए बच्चों में टीकाकरण के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि सर्दी के मौसम में निमोनिया के मामले ज्यादा सामने आते हैं। पांच साल से कम उम्र के बच्चे ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे में बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण जरूरी है।
उन्होंने बताया कि निमोनिया सांस से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। वैक्टीरिया, वायरस या फंगल की वजह से फेफड़ों में संक्रमण हो जाता है। आमतौर पर बुखार या जुकाम होने के बाद निमोनिया होता है। पांच वर्ष से छोटे बच्चों और 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इससे निमोनिया का असर इन पर जल्द होता है।न्यूमोकांकल कान्जुगेट वैक्सीन यानी (पीसीवी) निमोनिया, सेप्टिसीमिया, दिमागी बुखार से बचाव करती है। निमोनिया को दूर रखने के लिए व्यक्तिगत साफ-सफाई जरूरी है। छींकते, खांसते समय मुंह और नाक को ढक लें। समय-समय पर बच्चों के हाथ भी धोना चाहिए। बच्चों को प्रदूषण से बचाएं। अगर बच्चा छह महीने से कम उम्र का है तो नियमित रूप से स्तनपान कराएं। भीड़भाड़ वाली जगह से बच्चों को दूर रखें। ऐसी जगह संक्रमण फैलने का खतरा अधिक होता है।
निमोनिया के लक्षण
सूखी खांसी आना, सांस लेने की गति बढ़ जाना, पीठ के बल लेटने में दिक्कत होना, तेज बुखार, छाती में दर्द, पसीना आना, अधिक पेशाब आना, सिरदर्द, प्यास अधिक लगना, फेफड़ों में सूजन आना, नाड़ी की गति बढ़ना, बलगम के साथ खून आना, भूख कम लगना, कमजोरी महसूस होना प्रमुख लक्षण हैं।
कोरोना काल में इन बातों का रखें ख्याल
कोरोना काल में बच्चों को निमोनिया से बचाना जरूरी है। कोरोना संक्रमण से बचाव अभिभावकों की जिम्मेदारी है। संक्रमण से बचाव के लिए कोविड के नियमों का पालन करना जरूरी है।
इन बातों का रखें ध्यान
-बिना मास्क के घर से बाहर न निकलें।
-अस्पताल में टीका लगवाते समय शारीरिक दूरी का पालन करें।
-टीका लगवाते समय बच्चे को अपनी गोद में रखें।
-छोटे बच्चों को नियमित रूप से समय-समय पर हाथ धोने के लिए प्रेरित करें।
-घर से बाहर से आने वाले लोगों से बच्चों को दूर रखें।