33/11 केवीए पुराने सब स्टेशन में तीन माह पहले खराब
हुई वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) मशीन की रिले अब तक नहीं बदली गई है।
इस कारण छोटा फाल्ट होने पर आधे शहर की बिजली गुल हो जाती है। शहर में
विद्युत आपूर्ति तीन फीडरों से की जाती है।
फीडर नंबर एक और दो की 11 केवीए
की इनकमिंग केबिल एक है, जबकि फीडर नंबर तीन की इनकमिंग केबिल अलग है।
फीडर नंबर दो की वीसीबी पर लगी रिले तीन माह पहले खराब हो गई थी। इसे अब तक
नहीं बदला गया है। इस कारण फीडर नंबर दो या एक इनमें से किसी में भी फाल्ट
होने पर दोनों फीडरों की आपूर्ति ठप हो जाती है और आधे शहर में अंधेरा हो
जाता है।
कंट्रोल रूम में ड्यूटी पर तैनात एसएसओ रमेश चंद्र ने बताया कि
फाल्ट होने पर दोनों फीडर एक साथ बंद हो जाते है और यह पता नहीं चल पाता है
कि फाल्ट कौन से फीडर में आया है। लाइनमैन अतीक अहमद गुड्डू ने बताया
कि फाल्ट तलाशने को फीडर नंबर एक और दो पर टीमें भेजनी पड़ती है। जिससे
फाल्ट तलाशने में समय खराब होता है और लोगों को काफी देर में बिजली मिल
पाती है।
यदि रिले काम करने लगें तो केवल फाल्ट वाली फीडर ही ट्रिप हो। इस
बाबत एसडीओ सुधांशु श्रीवास्तव का कहना है कि रिले की तलाश कई जगह की गई,
पर नहीं मिली। अब इसके लिए कंपनी से संपर्क किया जा रहा है। उधर, पंचायत
चुनाव संपन्न होते ही सोमवार से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में तीन घंटे की
बिजली कटौती फिर से शुरू हो गई है। एसडीओ एसके सरल ने बताया कि पनकी
कंट्रोलर के निर्देशानुसार प्रतिदिन दोपहर एक बजे से चार बजे तक बिजली
कटौती होगी।