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Kannauj News: शीतगृहों पर मनमाना शुल्क, रेट लिस्ट नदारद

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कन्नौज। आलू किसानों को शीतगृहों में भंडारण शुल्क को लेकर मनमानी का सामना करना पड़ रहा है। डीएम के निर्देशों के बावजूद अधिकांश शीतगृहों पर भंडारण शुल्क की सूची प्रदर्शित नहीं की जा रही है। इस कारण किसानों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है जिससे उन्हें लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
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डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए शीतगृह संचालकों को सख्त निर्देश दिए थे। इन निर्देशों में शीतगृहों के बाहर कुल क्षमता और आलू भंडारण शुल्क प्रदर्शित करना अनिवार्य था। हालांकि, कई शीतगृहों के बाहर क्षमता तो लिखी है पर दाम नहीं। किसानों का आरोप है कि पुरानी शुल्क सूची चस्पा है या कोई सूची ही नहीं है। इसका फायदा उठाकर स्टोरेज मालिक अधिक किराया वसूल रहे हैं। मंडी में सफेद आलू 500 से 650 रुपये और हॉलैंड आलू 900 से 1100 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। किसानों का कहना है कि बीज, खाद, खोदाई और बढ़े किराए से लागत निकालना मुश्किल है। भारतीय किसान यूनियन ने जिलाधिकारी को कई बार ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
भंडारण सत्र शुरू होने के बावजूद जिला उद्यान विभाग ने शीतगृहों का सघन निरीक्षण नहीं किया है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आलू की रिकॉर्ड पैदावार के साथ ही शीतगृहों की संख्या भी बढ़ रही है। इस वर्ष 12 नए शीतगृह बनने से कुल संख्या 198 हो गई है। चार मौजूदा शीतगृहों की भंडारण क्षमता भी बढ़ाई गई है। वर्ष 2026 में कुल क्षमता 21.8 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है। जिला उद्यान अधिकारी चंद्रप्रकाश अवस्थी ने बताया कि जल्द ही बैठक कर शुल्क निर्धारित किया जाएगा।
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