कन्नौज। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद को सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए संवाद सेतु व्यवस्था आज से शुरू की जा रही है। इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गाजियाबाद, हरदोई और कन्नौज जनपदों से होगी। यह पहल विधानसभा में उठे एक महत्वपूर्ण मुद्दे के बाद अमल में लाई जा रही है।
समाज कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने इस व्यवस्था का सुझाव दिया था। उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली के तहत हर जिले में जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर (डीसीसीसी) स्थापित किया जाएगा। इस संवाद सेतु से जनप्रतिनिधियों और अफसरों के बीच विकास का रास्ता खुलने की उम्मीद है। यदि कोई अधिकारी जनप्रतिनिधि की कॉल 10 मिनट के भीतर रिसीव नहीं करता है। या फिर कॉल बैक नहीं करता है, तो जनप्रतिनिधि कमांड सेंटर को सूचित कर सकेंगे। यह व्यवस्था केवल कार्य दिवसों और कार्यालय समय में लागू होगी। साथ ही, यह केवल सरकारी (सीयूजी) नंबरों पर ही प्रभावी होगी। बेहतर संवाद और शीघ्र प्रतिक्रिया देने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। लापरवाही की स्थिति में रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। डीसीसीसी जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को दर्ज करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि अधिकारी समय पर प्रतिक्रिया दें। व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। इससे प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा।