पति की मौत के बाद बेटियों के साथ बैठी शबनम।
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तालग्राम(कन्नौज)। छह साल पहले मुस्लिम युवती से कोर्ट मैरिज कर खुशहाल जीवन यापन कर रहे निजी बस के परिचालक की लंबी बीमारी के चलते मौत हो गई। अंतिम संस्कार को लेकर परिवार के सदस्यों और पत्नी के बीच जमकर कहासुनी हुई। दोनों के समर्थकों की भीड़ जुटने से हंगामा होने लगा। तनाव देख पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने मामले को शांत कराया। इसके बाद महादेवी घाट पर अंतिम संस्कार हुआ।
तालग्राम कस्बे के गांधीनगर निवासी राजवीर (35) पुत्र रामेश्वर यादव ने करीब छह साल पूर्व फर्रुखाबाद के थाना कमालगंज के जरारी भड़ौसा में रहने वाले शब्बीर की बेटी शबाना से कोर्ट मैरिज की थी। इसके बाद राजवीर ने अपना नाम नूर मोहम्मद रख लिया। वह निजी बस पर परिचालक था। इस बीच बेटी नूर फातिमा और नूर सबी ने जन्म लिया। फेफड़ों में संक्रमण से शनिवार सुबह राजवीर उर्फ नूर मोहम्मद की मौत हो गई। पत्नी शबाना ने मुस्लिम धर्म के अनुसार कब्रिस्तान में दफन करने के लिए कस्बे के कुछ लोगों को बुला लिया।
राजवीर के भाई रामसिंह, सोनू, धर्मेंद्र, श्याम सिंह और बिट्टू महादेवी घाट पर शव दाह के लिए अड़ गए। इसी बीच दोनों के समर्थक पहुंच गए। यह अंतिम संस्कार को लेकर हंगामा करने लगे। मामले की जानकारी पर थाना प्रभारी राजा दिनेश सिंह पुलिस बल के साथ पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया। इसके बाद भाइयों ने महादेवी घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। सीओ श्रीकांत प्रजापति ने बताया कि अंतिम संस्कार को लेकर परिवार के बीच कहासुनी हुई थी। दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया है।