तिर्वा। उमर्दा ब्लॉक के रूरा गांव में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं, छह दिनों से बुखार से पीड़ित मासूम की मौत रविवार को हो गई। इसके बाद से ग्रामीणों में दहशत हैं।
रूरा गांव निवासी शीबू का छह माह का बेटा मोहम्मद गौस पिछले छह दिनों से बुखार से पीड़ित था। शीबू ने बताया कि स्थानीय इलाज के दौरान आराम न मिलने पर शनिवार को कानपुर के एक निजी क्लीनिक से दवाई लेकर आए थे। देर रात दवाई पिलाने के बाद अचानक बेटे की तबीयत बिगड़ गई और रविवार सुबह मौत हो गई है। वहीं, सीएससी प्रभारी डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि गांव में कैंप लगाकर बुखार से पीड़ित 16 मरीजों को दवाई दी गई थी। मासूम को बुखार होने की जानकारी पर एएनएम को घर भेजा था। जानकारी हुई कि वह कानपुर दवाई लेने गए हैं। मामले की जांच की गई तो पता चला है कि कानपुर से निजी क्लीनिक से लाई गई दवाई पिलाने के बाद मासूम की तबीयत और अधिक बिगड़ गई। इसके कुछ देर बाद ही मासूम ने दम तोड़ दिया था। मामले की जांच की जा रही है।