ग्रामीणों से जानकारी लेतीं अमेरिकन वालंटियर मिस जोल्टा।
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भारत के अतिपिछड़े गांवों के लिए अमेरिका की एक स्वयंसेवी संस्था की ओर से चलाई जा रही मुहिम धरातल पर साकार होगी। हसेरन विकास खंड के गांव जोगिन डेरा को अमेरिका की एक संस्था ने गोद लिया है। इसके तहत तीन सदस्यीय टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
यूनिवर्सल डेवलेपमेंट फाउंडेशन (यूएसए) अमेरिका से आईं मिस जोल्टा ने क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरौली के मजरा जोगिन डेरा का निरीक्षण किया। गांव के भ्रमण के बाद उन्होंने ग्रामीणों से मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बताया कि भारत में ऐसे कई गांव हैं, जहां आदिवासी जनजातियों के लोग रहते हैं। यहां की सरकार अभी तक उन गांवों का विकास नहीं कर पाई है।
ऐसे में उनकी संस्था ऐसे गांवों का भ्रमण कर रही है, जो विकास की मुख्य धारा से वंचित हैं। गांव में सपेरा समुदाय के लगभग 105 परिवार रह रहे हैं। इनमें 45 परिवार ग्राम पंचायत हसेरन और 60 परिवार ग्राम पंचायत बरौली के अंतर्गत आते हैं। ग्रामीणों के लिए उनकी संस्था शुद्ध पेयजल, मॉडल स्कूल, चौड़ी सड़क, पंचायतघर और बारातघर बनवाएगी।
इसके अलावा कई योजनाएं चलाई जाएंगी, जिनसे ग्रामीणों को फायदा होगा। उनकी संस्था ने जोगिन डेरा गांव को गोद लिया है। इस दौरान भारत में संस्था के प्रतिनिधि के. पवन कुमार ने अनुवादक के रूप में कार्य किया। इस मौके पर ग्राम पंचायत अधिकारी मृदुल दुबे, हसेरन के प्रधान जितेंद्र सिंह व बरौली के प्रधान श्यामसुंदरी सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।