हसेरन क्षेत्र के करीब एक सौ से अधिक गांवाें में 72 घंटे से ब्लैक आउट है। मक्के की सिंचाई के लिए किसान परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामलें जल्द कार्यवाही करते हुए बिजली व्यवस्था सही कराने की गुहार लगाई है।
क्षेत्र के श्याम सिंह ने बताया कि तीन दिनों से बिजली नहीं आ रही है। इससे गांव में अंधेरा छाया हुआ है। वहीं, सोनू ने बताया कि तीन दिन आंधी आई थी, उसी रात से लाइट गायब है। इस संबंध में बिजली विभाग का कहना है कि ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि सच्चाई में टूटे हुए तार अभी बेतरतीब पड़े हुए हैं।
देवपाल सिंह ने बताया कि बिजली न आने से मक्क्े की फसल सूखने के कगार पर है। दो से तीन दिन के अंदर बिजली व्यवस्था दुरुस्त न कराई गई तो मक्का की फसल सूख जाएगी। विभाग को क्षेत्र की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए। विक्रम सिंह ने बताया कि बिजली न आने से सभी इलेक्ट्रानिक उपकरण ठप पड़े हैं। मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहे हैं।
यह गांव हैं प्रभावित
हसेरन क्षेत्र के बरौली, फूलपुर, राजपुर, खरगपुर, बिलंदपुर, कांकरकुई, शेरपुर, नादेमऊ, जसपुरा, पुर्वादानी, दानपुर, टिहुला, अर्जुनपुर, किसनपुर, बसंत, नंदपुर, खिरिया, मढ़पुरा, छतेनपुर, गोपालपुर, अछरीपुरवा, जमनियापुर, नंदेनगला, अमलिया, लाख, मक्कापुर्वा, महमूदपुर, मड़नेपुर, ककरैया, नईबस्ती, गदनापुर, भगवंतपुर, बहादुरपुर, रामपुर, कुंडेपुर्वा, हरिचंदापुर, नगला सुभाष, सकतपुर, सरगौली, जोगनीपुर्वा, सुखसेनपुर, बिहारीपुर, ककलई, निजामपुर समेत करीब एक सौ से अधिक गांवों में तीन दिन से बत्ती गुल है।
कोट
आंधी आने के बाद बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। लेकिन विभाग के कर्मचारी युद्ध स्तर पर काम में लगे हुए हैं। मंगलवार की देर रात सौरिख बिजली उपकेंद्र को चालू करा दिया गया है, बुधवार की देर रात तक हसेरन क्षेत्र में बिजली पहुंच जाएगी, और जो भी गांव छूट रहे हैं, गुरुवार की शाम तक पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था दुरुस्त कर सभी गांवों में बिजली पहुंचा दी जाएगी। - सुभाष चंद्र सचान, अधिशासी अभियंता विद्युत, छिबरामऊ