कन्नौज। कोरोना वायरस के बाद बर्ड फ्लू फैलने की आशंका पर अलर्ट जारी हुआ है। इसकी रोकथाम के लिए शासन के निर्देश पर जिले में पशु चिकित्सकों की पांच टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों को किट मुहैया कराई गई है। टीमें रोजाना पोल्ट्री फार्म जाकर मुर्गियों का सैंपल लेंगी। सैंपल भारतीय पशु अनुसंधान संस्थान बरेली भेजे जाएंगे।
जिले में मौजूदा समय करीब 250 पोल्ट्री फार्म चल रहे हैं। बर्ड फ्लू की आशंका के चलते प्रदेश के सभी जनपदों को अलर्ट कर दिया गया है। मुर्गियों से फैलनी वाली बर्ड फ्लू बीमारी से निपटने के लिए शासन से किट भेजी गई है। इनमें सिर का कपड़ा, चश्मा, ऐप्रिन, शूज और सैंपलिंग के उपकरण हैं। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शाल्या ने बताया कि शासन के निर्देश पर पांच टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें कन्नौज, छिबरामऊ, उमर्दा, सौरिख और तिर्वा में भ्रमण कर पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों का सैंपल ले रही हैं। अभी तक करीब 200 मुर्गियों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। जल्द ही रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद ही बर्ड फ्लू की स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
बस्तियों से हटाए जाएंगे पोल्ट्री फार्म
उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शाल्या ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई पोल्ट्री फार्म सघन बस्तियों में चलते मिले हैं। ऐसे 35 पोल्ट्री फार्म चिह्नित किए गए हैं। इन्हें नोटिस देकर बस्तियों से करीब 500 मीटर की दूरी पर फार्म चलाने के आदेश दिए गए हैं। आदेश का पालन न करने वाले मुर्गी पालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह से फैलता है बर्ड फ्लू
उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ संजय शाल्या ने बताया ये बीमारी एक पक्षी से दूसरे पक्षी को होती है। यह कभी-कभी पक्षियों से इंसानों में हो जाती है। यह संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में पहुंच जाती है ऐसे मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं, जिनमें बर्ड फ्लू से पक्षियों की मौत हुई है। इन पक्षियों के संपर्क में रहने वाले व्यक्ति में यह वायरस जल्द फैलता है। उबले हुए अंडे और मांस खाने से कुछ वायरस खत्म हो जाते हैं।
बर्ड फ्लू से प्रभावित मुर्गों-मुर्गिंयों में होते हैं ये लक्षण
ठंड के मौसम में रखरखाव की अनदेखी के कारण भी मुर्गे-मुर्गियां और पक्षी मरते हैं। ऐसे में इस बीमारी के लक्षण जानना जरूरी है। इसमें मुर्गे की कलगी में नीलापन आ जाता है। मुर्गे के पंजे में भी नीलापन आ जाता या रक्तस्राव होने लगता है। मुर्गे के चेहरे एवं गर्दन में सूजन दिखाई देने लगती है। मुर्गा-मुर्गियों की आंख से अत्यधिक पानी का स्राव होने लगता है। यह हरा और पतला मल त्याग करने लगते हैं। यह लक्षण मिलने पर तत्काल पशु चिकित्सा अधिकारियों को जानकारी देनी चाहिए।