जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली में भारत
विरोधी नारेबाजी से संसद हमले में शहीद हुई कमलेश कुमारी का परिवार भी आहत
है। शहीद के परिवार का कहना है कि जिस तरह से अफजल का महिमा मंडन किया गया
वह देश के लिए घातक है। छात्र संघ अध्यक्ष पर कार्रवाई के अलावा नारे लगाने
वाले सभी छात्रों को बर्खास्त कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
कमलेश
कुमारी के पति अवधेश कुमार ने कहा कि अगर अफजल जैसे लोग और पैदा होंगे, तो
उनकी पत्नी जैसी देशभक्तों की भी कमी नहीं है। अगर जरूरत पड़ी तो वह अपनी
बेटियों को सेना में भेजकर देश की रक्षा कराएंगे। शहीद के परिवार ने कहा कि
आज जो नेता देशभक्ति की बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, वह उनके यहां दो फूल
तक चढ़ाने नहीं आते हैं।
ज्ञात हो कि 13 दिसंबर 2001 को संसद में हुए आतंकी
हमले के दौरान सीआरपीएफ में तैनात रहीं सिकंदरपुर की कमलेश कुमारी
आतंकियों से मोर्चा लेते हुए शहीद हो गईं थीं। शहादत के बाद कमलेश के
परिवार के लिए बड़े-बड़े वादे किए गए थे, पर वाद पूरे नहीं किए गए। परिजनों
ने अपने रुपये से कमलेश की मूर्ति लगवाई है।
शहीद के परिवार को जेएनयू
प्रकरण ने फिर से झकझोर दिया है। कमलेश के पति अवधेश और शहीद की दोनों
बेटियों श्वेता और ज्योति का कहना है कि क्या इसलिए उनकी मां ने शहादत दी
थी। अवधेश कहते हैं कि छात्रों की भारत विरोधी नारेबाजी के पीछे नेतागिरी
का खेल है और जिस तरह से राजनीति हो रही, वह देश के लिए घातक है।
उन्होंने
कहा कि छात्र संघ अध्यक्ष पर कार्रवाई हुई उसी तरह से नारेबाजी करने वाले
सभी छात्रों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उनके कोई बेटा नहीं
है, पर अगर जरूरत पड़ी तो वह अपनी दोनों बेटियों को भी सेना में भेजकर देश
की रक्षा कराएंगे। कमलेश की बेटी श्वेता फजल के पक्ष में नारे लगने से दुखी
है। वह कहती हैं कि देश के गद्दारों से वह अपनी मां की तरह लड़ जाएंगी।