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एसडीएम से विवाद के बाद वकील बेमियादी हड़ताल पर

Thu, 22 Jun 2017 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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तिर्वा तहसील में एसडीएम शालिनी प्रभाकर के सामने धरना देकर नारेबाजी करते अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तहसील परिसर में एसडीएम कार्यालय में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष, भाजपा नेता बृजेश शुक्ला व एसडीएम शालिनी प्रभाकर के मध्य चकरोड पर अवैध कब्जे के विवाद पर तीखी नोकझोंक हो गई। इससे वकीलों ने बेमियादी हड़ताल की घोषणा कर दी। वकीलों ने कार्यालय बंद करा दिए।
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 पूर्व अध्यक्ष का आरोप है कि एसडीएम ने उनसे अभद्रता करते हुए कार्यालय से बाहर निकल जाने को कहा। न निकलने पर वीडियोग्राफी कराई। मामले की जानकारी जब बार एसोसिएशन व लायर्स बार एसोसिएशन को हुई, तो दोनो अधिवक्ता संघों ने एक जुट होकर एसडीएम कार्यालय के सामने धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर एसडीएम ने पुलिस बुला ली। मौके पर कई थानों की पुलिस को देख अधिवक्ताओं की नाराजगी और बढ़ गई। वकीलाें ने घूम-घूम कर तहसील के सभी कार्यालय बंद करा दिए। कुछ देर बाद एसडीएम के आदेश पर सभी कार्यालय खुल गए। करीब दो घंटे तक धरना प्रदर्शन व नारेबाजी चलती रही। बाद में अधिवक्ताओं ने संयुक्त बैठक कर फैसला लिया कि एसडीएम के खिलाफ सभी अधिवक्ता बेमियादी हड़ताल शुरू करेंगे। गुरुवार से तहसील में कोई काम-काज नहीं होगा। साथ ही गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से भी मुलाकात करेगा।

बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश शुक्ला ने बताया कि ग्राम पंचायत मनिकापुर के मौजा गोकुलनगरी के मुवक्किल सियाराम के प्रार्थना पत्र लेकर वह दोपहर 12 बजे के करीब एसडीएम के पास गए थे। बताया कि तहसील समाधान दिवस में सियाराम ने प्रार्थना पत्र दिया था। इस प्रार्थना पत्र के निस्तारण में इंदरगढ़ पुलिस, लेखपाल व राजस्व निरीक्षक ने अलग-अलग रिपोर्ट लगाकर भेजी है। इससे समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। समाधान के लिए वह स्वयं मौके पर जाकर देख लें। इससे समस्या का तत्काल निस्तारण हो जाएगा।
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अधिवक्ता का आरोप है कि इस पर एसडीएम भड़क गईं। कहा कि उनके पास और भी काम हैं। वह हर प्रार्थना पत्र पर मौके पर नहीं जा सकती। आरोप लगाने लगी कि वह नेतागीरी करवा रहे हैं। लेखपाल की रिपोर्ट सही है। इस पर तकरार बढ़ गई। एसडीएम ने उन्हें कार्यालय से निकल जाने को कहा। मामले की जानकारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरवेंद्र यादव दीपू व लायर्स बार के अध्यक्ष रामगोपाल को मिली। इस पर दोनों अधिवक्ता संघों ने संयुक्त रूप से एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पूर्व अध्यक्ष का यह भी आरोप है कि एसडीएम ने पिछले दो दिनों के दौरान अधिवक्ता हरीशंकर राजपूत, बल्लू चौहान, कलट्टर सिंह यादव से भी अभद्रता की थी। दोनों अध्यक्षों ने बताया कि गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद से मुलाकात करेगा। एसडीएम शालिनी प्रभाकर को हटाए जाने की मांग रखेगा। एसडीएम के न हटने तक वकीलों की हड़ताल जारी रहेगी।

कल करा देें तबादला पर गलत काम नही करूंगी - एसडीएम
तिर्वा। वकीलों की हड़ताल व आरोपों पर एसडीएम शालिनी प्रभाकर का कहना है कि वह किसी कीमत पर अनुचित काम नहीं करेंगी। चाहे उनका तबादला कल ही करा दिया जाए। बताया कि पूर्व अध्यक्ष बृजेश शुक्ला गलत काम के लिए पैरवी कर रहे थे। इस काम को कराने के लिए भाजपा के एक प्रांतीय स्तर के नेता से भी फोन कराया था। उक्त नेता को भी उन्होंने बता दिया था कि गलत काम उनके द्वारा नहीं होंगे। उन्हें तबादले का कोई भय नहीं है। चकरोड की समस्या पर एसडीएम ने बताया कि मनिकापुर गांव में नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में राजस्व निरीक्षक व लेखपालाें की टीम भेजी गई है। चकरोड पर जो भी अवैध कब्जा किए होगा। उसके खिलाफ इंदरगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराकर चकरोड को खाली कराया जाएगा। उधर, इसी प्रकरण में भाजपा के जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत तहसील पहुंचे। उन्होंने एसडीएम व वकीलों से अलग-अलग वार्ता कर मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा। उनके इस प्रस्ताव पर वकील सहमत नहीं हुए।
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