छिबरामऊ। अकबरपुर के ग्रामीणों के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा। करीब साढ़े तीन दशक के लंबे इंतजार और कानूनी दांवपेच के बाद आखिरकार गांव का चकबंदी रिकॉर्ड तैयार कर किसानों को आकार पत्र-45 वितरित किए गए। 35 साल बाद जब किसानों को उनकी जमीन का मालिकाना हक मिला तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के प्रयासों से किसानों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक मिल गया है। गुरुवार को पंचायत घर में हुए कार्यक्रम में उप संचालक चकबंदी विजय कुमार मिश्रा एवं बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी रेशमा सहाय, सीओ चकबंदी दिनेश कुमार शर्मा ने सुनील दुबे, जीत पाल, महेश, हरिपाल, गिरिजाशंकर, अमित, अजीत सहित 52 किसानों को आकार पत्र-45 वितरित किए गए। सीओ चकबंदी ने बताया कि गांव में कुल 582 काश्तकार हैं, सभी को आकार पत्र-45 तीन के भीतर वितरित कर दिए जाएंगे। धारा 52 के प्रकाशन के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। इस दौरान एसीओ रामवीर सिंह, अक्षय कुमार, नीरज यादव, घनश्याम त्रिपाठी, यूनुस, राधेश्याम अनिल सहित चकबंदीकर्ता मौजूद रहे।