चपुन्ना। आदर्श विद्या मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर चार बीघा जमीन हड़पने और विरोध करने पर गोली मारकर नकदी लूटने के 11 वर्ष पुराने मामले में कोर्ट ने सख्त कदम उठाया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी कमलेश तिवारी और दीपक तिवारी को लूट के आरोप में तलब किया है। इस आदेश के बाद पीड़ित पक्ष को न्याय की उम्मीद बंधी है।
ग्राम भावलपुर निवासी जुगराज सिंह ठाकुर के अनुसार चपुन्ना निवासी रामबाबू तिवारी व कमलेश तिवारी ने पिता जसकरन को आदर्श विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। इसके एवज में चार बीघा जमीन का बैनामा प्रदीप तिवारी के नाम करा लिया। नौकरी न मिलने और पिता का निधन होने के बाद, पैतृक जमीन वापस मांगी और आरोपियों पर दबाव बनाना शुरू किया।
पीड़ित का आरोप है कि आठ अप्रैल 2015 को चपुन्ना निवासी कमलेश तिवारी और दीपक तिवारी ने जमीन वापस करने की बात कहकर उन्हें अपने ईंट-भट्ठे पर बुलाया। वहां पहले से घात लगाकर बैठे प्रदीप तिवारी व संदीप तिवारी ने कहा कि अब तुझे जमीन वापस करते हैं। इसके बाद विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला करते हुए पैर में गोली मार दी।
इसी दौरान कमलेश और दीपक ने उनकी जेब से जबरन दो हजार रुपये भी लूट लिए थे। घटना के बाद जब स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट में 11 साल तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। मामले को संज्ञान लेते हुए आरोपियों को लूट के आरोप में समन जारी कर 15 अक्तूबर को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं।