कन्नौज में शोभायात्रा के दौरान हुए बवाल के बाद नगर
में निकलने वाली विसर्जन यात्रा के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था। शहर
के मुख्य मार्ग पर अबीर गुलाल उड़ाते देवी मां की चार विसर्जन यात्राएं
निकलीं। चारों विसर्जन यात्राएं एक साथ न निकल कर अलग-अलग निकाली गईं,
जिससे पुलिस प्रशासन को काफी कवायद करनी पड़ी।
पुरानी गल्ला मंडी में
नवरात्र के प्रथम दिन स्थापित मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा की पूजा अर्चना
की गई। शोभायात्रा में बज रहे डीजे की धुनों पर युवक नाचते चल रहे थे। इस
दौरान सुशील गुप्ता, अबली, नितिन, प्रदीप गुप्ता, ऋषि कुमार, धनेश गुप्ता,
धीरज, रतन, चंद्रभान, अजय भान, हिमांशु, राजेश मिश्रा आदि के साथ महिलाएं
भी चल रहीं थीं।
फर्रुखाबाद रोड पर स्थित इंदिरा आवास कालोनी में स्थापित
की गई दुर्गा प्रतिमा की विसर्जन शोभायात्रा में महिलाएं और युवतियों ने
जमकर नृत्य किया। विसर्जन यात्रा जब सौरिख रोड स्थित ऐतिहासिक ककरारी तालाब
पहुंची तो वहां मूर्ति पूजा के दौरान एक युवती काफी देर तक देवी मां से
बिछुड़ने के गम में रोती रही।
जैसे ही प्रतिमा विसर्जन को तालाब में ले जाई
जाने लगी वैसे ही तमाम महिलाएं रोने लगी। मोहल्ला इब्राहीमगंज भगवानदास
वाली गली और मोहल्ला पड़ाव स्थित मिथलेश्वरनाथ मंदिर में स्थापित की गई
दुर्गा प्रतिमाओं का भी धूमधाम के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई। बाद में
सभी प्रतिमाओं को ककरारी तालाब में विसर्जित कर दिया गया।
उधर, प्रशासन ने
ककरारी तालाब में निजी नलकूपों से पानी भरवा दिया था। इसके बाद भी एसडीएम
महेश प्रसाद दीक्षित ने पालिका की जेसीबी मशीन मंगवाकर तालाब के किनारे
गहरा गड्ढा खुदवा दिया था, ताकि यदि भक्त मूर्तियों का भू-विसर्जन करना
चाहे तो उन्हें कोई असुविधा न हो।
उधर, प्रतिमा विसर्जन के दौरान कन्नौज
में हुए बवाल को लेकर प्रशासन शुरू से ही काफी सतर्क था। इंदिरा आवास
कालोनी के आयोजकों को मूर्ति विसर्जन का समय दोपहर 12 बजे तक की प्रशासन ने
अनुमति दी थी। पर, आयोजकों ने इसकी परवाह किए बगैर नगर के मुख्य मार्ग
पर जमकर अबीर गुलाल उड़ाते हुए विसर्जन यात्रा निकाली, जो निर्धारित समय से
चार घंटे विलंब से ककरारी तालाब पहुंची।
इसको लेकर कोतवाल अरविंद मोहन
जायसवाल और आयोजकों के बीच तीखी झड़प हुई। कोतवाल ने आयोजकों को जमकर फटकार
लगाई और उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। उधर, विशुनगढ़ में पुलिया के
पास स्थित दुर्गा मंदिर और राधेश्याम शर्मा के यहां दुर्गा प्रतिमाएं
स्थापित की गई थी।
शुक्रवार को धूमधाम के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई।
दोपहर बाद बेहटा घाट पुल पर मूर्तियों को विसर्जित कर दिया गया। इस मौके पर
पुच्चू, राजीव कुमार, विनीत चौरसिया, शिल्पी चौरसिया, अनिल शर्मा, राजू
पाल, रामऔतार सक्सेना आदि मौजूद थे।