शहर में मां दुर्गा विसर्जन यात्रा गुरुवार को धूमधाम से निकाली गई। डीजे की धुन और ढोल पर युवाओं ने अबीर-गुलाल उड़ाकर जमकर नृत्य किया। जय मां अंबे समिति के तत्वावधान में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन मंदिर में गणेश जी व मां दुर्गा प्रतिमा की स्थापना की गई थी। दसवें दिन रामलीला का मंचन भी किया गया।
गुरुवार की दोपहर आचार्य शिवप्रकाश मिश्र ने हवन पूजन कराया। समिति के राजीव आदि ने विघ्नविनाशक गणेश जी एवं मां दुर्गा की आरती की इसके बाद विसर्जन यात्रा शुरू हुई। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों पर बच्चों व युवाओं के साथ महिलाएं भी झूम कर नाचीं। नगर में पीपल वाली गली होते हुए यात्रा मुख्य मार्ग से सौरिख रोड पर पहुंची। यहां ककरारी तालाब पर विधि विधान से दोनों मूर्तियों का विसर्जन कर दिया गया।उधर, मोहल्ला रामनगर में गौरीनाथ मंदिर परिसर में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा को ककरारी तालाब में विसर्जित किया। कोतवाल आमोद कुमार सिंह फोर्स के साथ डटे रहे।
पानी कम देख विसर्जन से किया इनकार
छिबरामऊ। मोहल्ला छपट्टी की कमेटी ने ककरारी तालाब में पानी कम देख प्रतिमा विसर्जन से मना कर दिया। हंगामा होते देख कोतवाल आमोद कुमार सिंह ने कमेटी के पदाधिकारियों से वार्ता की। काफी मानमनौबल के बाद भू-विसर्जन पर सहमति बनी। इसके बाद नगरपालिका से जेसीबी मशीन बुलाई गई। उसने ककरारी तालाब के पास काफी गहरा गड्ढा खोदा तब कहीं जाकर दुर्गा प्रतिमा भू-विसर्जित की गई।