मानीमऊ(कन्नौज)। महादेवी घाट पर पिछले एक सप्ताह में बड़ी संख्या में अंतिम संस्कार के लिए शव पहुंचे हैं। एक सप्ताह में 550 शवों को जलाया गया है। इनमें ज्यादातर की उम्र पचास के पार बताई गई। उधर, कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा रजिस्टर में दर्ज नहीं है।
जिले में खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। मौतों का सिलसिला भी जारी है। मेहंदीघाट के श्मशान घाट पर आठ दिन में सैकड़ों की संख्या में परिवारीजन मृतकों को लेकर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे हैं। जुकाम, बुखार से मरने वालों का आंकड़ा रजिस्टर में दर्ज है। कोरोना से मरने का कोई ब्योरा नहीं है। शनिवार को 77 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ।
दाह संस्कार समिति के रजिस्टर में नाम दर्ज करने वाले राजनरायन पांडेय ने बताया कि पिछले वर्ष कोरोना काल के लॉकडाउन में प्रतिदिन दस से पंद्रह शव श्मशान घाट पर आते थे। पंचायत चुनाव के मतदान के बाद श्मसान घाट पर शवों की संख्या बढ़ गई है। मतदान के बाद मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। 16 अप्रैल को 50 शव, 17 अप्रैल को 45, 18 अप्रैल को 48, 19 को 54, 20 अप्रैल को 70, 21 अप्रैल को 73, 22 को 64, 23 को 69, 24 को 77 शव घाट पर आए हैं। बताया कि 70 प्रतिशत जुकाम, खांसी, बुखार से मरने वाले लोग हैं। 30 प्रतिशत दुर्घटना व आकस्मिक मौत के शव जलाए गए हैं। ज्यादातर 50 साल उम्र पार के लोगों के नाम रजिस्टर में दर्ज हैं। श्मशान घाट पर भीड़ देखते हुए लोग नई जगह अंतिम संस्कार कर रहे हैं।