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आंधी-पानी से आम, मक्का, गेहूं को नुकसान, बिजली पोल टूटे

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तेज आंधी से खेत में पलटी पड़ी मक्का की फसल। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। महामारी से जूझ रहे किसानों के लिए आंधी और पानी ने दोहरी मुसीबत खड़ी कर दी है। रविवार देर रात आंधी के साथ तेज बारिश हुई। इससे गेहूं के गट्ठर और मड़ाई के बाद पड़ा भूसा उड़ गया। आम की फसल को नुकसान हुआ है। मक्का की फसल खेत में पलट गई। सुबह फसल देख किसानों के आंसू छलक पड़े। कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे टूटकर गिर पड़े। इससे शहर से लेकर गांवों की आपूर्ति गुल हो गई। बिजली कर्मी फाल्ट दुरुस्त करने में जुटे रहे। सोमवार सुबह 11 बजे के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
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जिले में गेहूं की 85 फीसदी मड़ाई हो चुकी है। मौसम का मिजाज बिगड़ते देख किसान दिन-रात मड़ाई में लगे हैं। रविवार रात करीब 11 बजे मौसम ने करवट ली। तेज आंधी के बाद बारिश होने लगी। गेहूं की सूखी बालियां टूटकर खेतों में गिर पड़ीं। मड़ाई के बाद खेतों में लगा भूसा आंधी में उड़ गया। इससे किसानों को पशुओं के लिए भूसे की चिंता सताने लगी है। वहीं, बारिश की वजह से कई खेतों में पानी भर गया। इससे गेहूं की कटाई और मड़ाई का काम तीन-चार दिनों के लिए बंद हो गया। तेज आंधी से कन्नौज समेत जसोदा, जलालाबाद, गुरसहायगंज, छिबरामऊ क्षेत्र में पेड़ों के साथ बिजली के पोल टूट गए। अनौगी फीडर क्षेत्र के लच्चीपुर्वा व हजरतपुर में बिजली के कई पोल टूट गए। इससे 10 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। सुबह लाइनमैन पोल और फाल्ट दुरुस्त करने में लगे रहे। कई जगह दोपहर बाद भी बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी थी।
मक्का की फसल में पांच फीसदी नुकसान
उप निदेशक कृषि डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि रविवार देर रात तेज आंधी और पानी से नुकसान हुआ है। मक्का की फसल में पांच फीसदी नुकसान है। इससे पहले 27 अप्रैल को आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से करीब 30 फीसदी नुकसान की बात सामने आई थी। इसका राजस्व विभाग से मुआवजा दिया जाएगा। गेहूं और आम को भी नुकसान हुआ है। आकलन कराया जाएगा।
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आम की फसल को नुकसान
आंधी-बारिश से आम की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ। छोटे-छोटे आम के फल टूट गए। बागवानों के मुताबिक इस साल फसल अच्छी थी। बड़ा नुकसान हुआ है।
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