कन्नौज। लोकतंत्र के सबसे बड़े हथियार मतदाता पहचान पत्र को धार देने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। निर्वाचन नामावलियों के विशेष पुनरीक्षण अभियान ने अब रफ्तार पकड़ ली है पर इस बार नियम थोड़े सख्त हैं। कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में शुक्रवार को हुई एसआईआर की बैठक में साफ कर दिया गया कि अब राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) मनमर्जी से फार्मों का ढेर नहीं लगा सकेंगे। एक बीएलए अधिकतम 30 फार्म ही जमा कर सकेगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यह कदम प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े की गुंजाइश को खत्म करने के लिए उठाया गया है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई इस बैठक में चुनावी शुचिता को सर्वोपरि रखा गया। जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों (छिबरामऊ, तिर्वा और सदर) में नए मतदाता बनने और नाम कटवाने की होड़ मची है। शुक्रवार तक जो आंकड़े सामने आए हैं वे बताते हैं कि जनता जागरूक हो रही है। कहा कि राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट द्वारा एक दिन में अधिकतम 10 आवेदन पत्र तथा पूरी पुनरीक्षण अवधि में अधिकतम 30 आवेदन पत्र ही संबंधित बूथ लेवल अधिकारी अथवा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रस्तुत सभी आवेदन पत्रों के साथ बूथ लेवल एजेंट द्वारा लिखित घोषणा (अंडरटेकिंग) तथा आवेदनों की सूची संलग्न करना अनिवार्य होगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने जोर देकर कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए शुद्ध मतदाता सूची अनिवार्य है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने बीएलए के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें, ताकि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हर युवा का नाम सूची में दर्ज हो सके। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विधानसभा क्षेत्र
प्रपत्र-6 (नया नाम)
प्रपत्र-7 (नाम विलोपन)
प्रपत्र-8 (संशोधन)
छिबरामऊ 12,527
730
3,223
तिर्वा 9,349
185
1,622
सदर (कन्नौज)
10,056
190
1,944
कुल योग
31,932
1,105
6,789