कन्नौज। ग्रामीण पेयजल योजना के तहत गांव वालों को पीने का पानी मुहैया कराने के लिए शासन ने चार ग्राम पंचायतों में दो करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया है। जल निगम ने निर्माण कार्य की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। दो साल के अंदर निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मियांगंज में पानी टंकी निर्माण के लिए 134 लाख 79 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इस गांव में नलकूप बोरिंग कराने के बाद एक पंपिंग प्लांट लगाया जाएगा। नलकूप का विद्युतीकरण भी किया जाएगा। 300 किलोलीटर क्षमता की पानी टंकी निर्मित होगी। 70 मीटर मेन राइजिंग लाइन, 13.40 किमी पाइप लाइन घर-घर तक पानी पहुंचाने के लिए डाली जाएगी। टंकी के चारों तरफ 115 मीटर बाउंड्रीवाल भी तैयार की जाएगी।
घमाइचमऊ में 113 लाख 65 हजार रुपये से टंकी बनेगी। 40 लाख रुपया का बजट अवमुक्त कर दिया गया है। एक नलकूप बोरिंग, एक नलकूप पंपिंग प्लांट, 200 किलोलीटर की पानी टंकी निर्मित होगी। 70 मीटर मेन राइजिंग लाइन डाली जाएगी। 14.38 किमी पाइप लाइन डालकर जलापूर्ति घर-घर तक की जाएगी। स्टाफ के रहने के लिए एक कमरा भी बनेगा। 115 मीटर चहारदीवारी और एक पंप हाउस निर्मित किया जाएगा।
इसी तरह गोवा गांव में 93 लाख 13 हजार रुपये से पानी टंकी बनेगी। 21 लाख 23 हजार रुपये का बजट स्वीकृत हो गया है। एक नलकूप बोरिंग, एक नलकूप पंपिंग प्लांट, एक नलकूप का विद्युतीकरण किया जाएगा। 200 किली की एक पानी टंकी बनेगी। 50 मीटर मेन राइजिंग लाइन, 5.25 किमी राइजिंग लाइन, 115 मीटर चहारदीवारी व एक पंप हाउस बनेगा।
बछज्जापुर में 94 लाख 23 हजार रुपये से पानी संकट हल कराया जाएगा। इसके लिए 21 लाख 48 हजार रुपया का बजट मिल गया है। यहां एक नलकूप बोरिंग कराई जाएगी। एक नलकूप पंपिंग प्लांट, एक 150 किलोलीटर क्षमता की पानी टंकी बनाई जाएगी। 70 मीटर मेन राइजिंग लाइन डाली जाएगी। 5300 मीटर पाइप लाइन डाली जाएगी। 115 मीटर चहारदीवारी और एक पंप हाउस बनेगा।
सपा जिलाध्यक्ष कलीम खां और कन्नौज विधानसभा क्षेत्र के निवर्तमान अध्यक्ष विनय पांडेय कहते हैं कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से पेयजल समस्या को दूर करने के लिए आ रहे बजट की एक-एक पैसा काम पर खर्च होगी। धांधली करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। घटिया सामग्री डालने या मानकों के अनुसार काम न होने पर ग्रामीण विरोध करें। बसपा सरकार की तरह कमीशनखोरी इस बार नहीं चलेगी। अफसरों को आगाह कर दिया गया है कि वे समय से काम पूरा करें।
अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र यादव कहते हैं कि गुणवत्ता का कड़ाई से पालन कराएंगे। जल निगम के अधिशासी अभियंता को निर्देश देंगे कि वे नियमित रूप से क्वालिटी परखते रहें। जेई को भी निर्माण के वक्त साइट पर भेजा जाए। काम में न तो देरी बरदाश्त होगी और न ही किसी तरह की लापरवाही। यदि अभियंता या ठेकेदार ने मानकों का उल्लंघन किया तो दंडित होंगे।