छिबरामऊ (कन्नौज)। ब्लाक संसाधन केंद्र पर चल रहे समेकित शिक्षा के 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शिक्षकों को अक्षम बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के गुर बताए गए।
खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार दुबे ने प्रतिभागियों को समझाया कि यह अक्षम बच्चे भी समाज के ही अंग हैं। इन्हें भी शिक्षा ग्रहण करने का उतना ही अधिकार है जितना कि एक सामान्य बच्चे को। हमें अपने स्कूल में अध्ययनरत ऐसे विशेष बच्चों का बेहद ध्यान रखना चाहिए। उनको पढ़ाते समय उनसे सहानुभूति पूर्वक व्यवहार करें। आरटी एक्ट लागू होने के उपरांत तो हमारी आपकी और अधिक जिम्मेदारी हो जाती है। हम हर व्यक्ति को शिक्षा की मुख्यधारा में लाएं।
विशेष प्रशिक्षक रमाकांत सिन्हा ने दृष्टि बाधित बच्चों के लिए ब्रेल लिपि के बारे में बताया। श्रवण बाधित में मनोज कुमार व श्वेता श्रीवास्तव ने ऐसे बच्चों की पहचान, कारण तथा निवारण पर विस्तार से चर्चा की।
प्रशिक्षण में सुरेशचंद्र शास्त्री, अनूप मिश्रा, रवि चौहान, हरिओम, अनीता त्रिपाठी, सोमी दुबे, आकिल खान, योगेश, राजीव मिश्रा, सविता कुमारी, सपना राजपूत, मधुरलता व उर्वेद्र सिंह आदि शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
हसेरन प्रतिनिधि के अनुसार ब्लाक संसाधन केंद्र पर प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षिका रजनी शर्मा ने बालिकाओं के किशोरावस्था के समय होने वाली समस्याओं तथा समाधान समझाए। साधना कुमारी ने बालिकाओं को शिक्षा से होने वाले लाभ तथा मीना मंच के गठन पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला।
इस दौरान एबीआरसी सुभाष सक्सेना, शिवमंगल सिंह, श्रवणकुमार प्रजापति, जितेंद्र कुमार वर्मा, राधाकृष्ण शाक्य, प्रधानाध्यापिका वीरेंद्र कुमारी, श्यामा देवी, कमलेश्वरी, दीपाली गुप्ता, अंकिता राठौर व सरला पाठक उपस्थित रहीं।