कन्नौज। जिले में रैक प्वाइंट निर्माण का मामला पांच-छह साल से अधर में है। रेलवे विभाग को उपयुक्त जमीन न मिल पाने से कोई समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। हाल में आगरा में आयोजित खरीफ गोष्ठी में जिले में रैक प्वाइंट निर्माण का मुद्दा फिर उठाया गया।
जिला आलू की बंपर पैदावार के लिए भी विख्यात है। इसके अलावा सूरजमुखी सहित कई ऐसी फसलें हैं, जिनका मार्केट कन्नौज में अच्छा नहीं है। इत्र की नगरी होने के कारण व्यापारियों का काफी माल रेलवे के माध्यम से बाहरी प्रदेशों से आता- जाता है। इसके बावजूद रैक प्वाइंट निर्माण की समस्या आज भी परेशानी का सबब बनी हुई है। रैक प्वाइंट न होने से आलू की बुआई के दौरान खाद की किल्लत भी खड़ी हो जाती है। पड़ोसी जिले फर्रुखाबाद में कन्नौज का कोटा भी कई बार उतार लिया जाता है। इससे भी खाद की कमी हो जाती है। तत्कालीन जिलाधिकारी के माध्यम से रेलवे विभाग को कई पत्र लिखे गए। रेलवे अधिकारियों ने रैक प्वाइंट बनाए जाने के लिए सर्वे भी किया, लेकिन नतीजा आज तक नहीं निकला। हाल में आगरा में आयोजित खरीफ संगोष्ठी में जिलाधिकारी राजेश कुमार ने एक बार फिर रैक प्वाइंट बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। इस पर अधिकारियों ने रेलवे से बात कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया। हालांकि पुराने रिकार्डो के आधार पर जमीन उपलब्ध न हो पाना मुख्य कारण बताया गया। इसके अलावा जिला कृषि अधिकारी नीरज रान को निर्देश दिए खरीफ के अनुपल्ब्ध बीजों की सूची बनाकर भेजें। मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव ने कहा जिले में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं चल रही है। राज्य सरकार की योजना में विद्युत कनेक्शन के लिए अनुदान मिलता है। जबकि केंद्र से नहीं मिलता रहा है। केंद्र अनुदान देने के लिए मना भी कर चुका है। इस पर अधिकारियों ने कहा योजना में यदि कहीं से अनुदान की गुंजाइश तो इस वित्तीय वर्ष में इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।