कन्नौज। जिले में पानी की समस्या पूरी तरह समाप्त करने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। इसके चलते जहां 45 दलित बस्तियों में हैंडपंपों में सबमर्सिबल पंप लगाकर पानी की आपूर्ति करने की तैयारी है, वहीं नलकूपों को रिबोर कराने और टंकियों के कायाकल्प के लिए शासन को सात करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। हैंडपंपों में सबमर्सिबल लगाने के लिए करीब सवा दो करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित हो गया है। सबकुछ ठीक रहा तो जिले के लोगों को पीने के पानी की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
235 लाख से हैंडपंपों में लगेंगे सबमर्सिबल
कन्नौज। महाराष्ट्र की तर्ज पर अब जिले की 45 दलित बस्तियों में हैंडपंपों में सबमर्सिबल पंप लगाकर पानी की आपूर्ति की जाएगी। केंद्र व प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से शुरू हुई योजना में पहली बार 235 लाख रुपये का बजट आवंटित हो गया है।
जल निगम को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। जिले की 200 से 250 की आबादी वाली अनुसूचित जाति व जन जाति की 45 बस्तियों का चयन किया जाएगा। सहायक अभियंताओं की टीमें लगाकर सर्वे शुरू कर दिया गया है। एक बस्ती में पांच लाख रुपये से यह योजना शुरू होगी। इसके तहत सोलर पैनल, सबमर्सिबल पंप व 5000 लीटर क्षमता की टंकी का इंतजाम किया जाएगा। बस्ती में लगे कुल हैंडपंपों में से जो हैंडपंप सबसे ज्यादा पानी निकाल रहा होगा, उसी में सबमर्सिबल पंप फिट किया जाएगा।
योजना में गैर विद्युतीकृत बस्तियों का चयन किया जाएगा। यदि ऐसी बस्तियां नहीं मिल पाती हैं तो उन बस्तियों को वरीयता दी जाएगी जहां बिजली कम आती है या आपूर्ति ठप पड़ी है। जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह का कहना है कि बजट आवंटन की जानकारी है। सर्वे शुरू करा दिया गया है। 15 दिन में सारी बस्तियों का चयन कराकर काम शुरू करा दिया जाएगा। जुलाई तक सोलर सिस्टम फिट कराकर मोटर चालू कराने व सबमर्सिबल पंप से टंकी भरकर जलापूर्ति शुरू कराने का लक्ष्य है।
बताया कि जिले में पहली बार इस तरह की स्कीम शुरू की जा रही है। महाराष्ट्र के इंजीनियरों से उनकी टीम निरंतर संपर्क में है। तकनीकी जानकारी से लेकर जलापूर्ति से संबंधित सारा ब्यौरा हासिल किया जा रहा है। सोलर पैनल सौर ऊर्जा से चार्ज होगा। इस कारण नियमित रूप से जलापूर्ति हो सकेगी। यह प्रयोग सफल रहा तो अगले वित्तीय वर्ष में कई अन्य गांवों को भी इस योजना से लाभान्वित किया जाएगा।
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कम वोल्टेज से 15 दिन से नलकूप बंद
कन्नौज। मुख्यमंत्री के हाथों जलालाबाद कसबे में पानी की टंकी का लोकार्पण हो गया, लेकिन बिजली विभाग उसे चलाने के लिए पर्याप्त वोल्टेज नहीं दे पा रहा है। जल निगम के अफसरों की मानें तो जलालाबाद में 450 वोल्टेज मिले तो मोटर चलाकर टंकी भरी जा सके। वोल्टेज 300 तो कभी 400 तक ही आते हैं। इससे मोटर नहीं चल पाती है। बिजली विभाग की लापरवाही के कारण पेयजलापूर्ति बाधित है। एक्सईएन राजेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने एक्सईएन विद्युत आरएन वर्मा को पत्र भेजकर समस्या से अवगत करा दिया है। उनसे पर्याप्त वोल्टेज मुहैया कराए जाने का अनुरोध किया गया है।
प्यास बुझाने को सात करोड़ का प्रस्ताव
कन्नौज। शहर व ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था बेहतर करने के लिए जल निगम ने खराब पड़े नलकूपों को रिबोर कराने और वर्षों पुरानी पानी की टंकियों का कायाकल्प करने का प्रस्ताव तैयार किया है। शासन को स्टीमेट भेजकर 705 लाख 37 हजार रुपये का बजट मांगा गया है।
त्वरित आर्थिक विकास योजना में डीएम रूपेश कुमार ने प्रमुख सचिव नियोजन को स्टीमेट तैयार कराकर भेजा है। वित्तीय वर्ष 2013-14 में डा. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत चयनित 17 गांवों में हैंडपंप स्थापना व रिबोर करने के लिए 37.09 लाख रुपये, आठ नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्रों में 10 नलकूपों को रिबोर करने के लिए 314,70, 000 रुपये, फतेहपुर एकल ग्रामीण पाइप पेयजल योजना के सुदृढ़ीकरण के लिए 28.52 लाख रुपये का स्टीमेट भेजा गया है।
इसी तरह 18.88 लाख रुपये से मूसरि, 24.59 लाख से तेरारागी, 28.95 लाख से पट्टी तिर्वा, 16.96 लाख रुपये से बिबिया जलालपुर, 21.04 लाख से गुरौली, 16.26 लाख से पुरवा महते, 18.26 लाख रुपये से मदनापुर, 23.38 लाख रुपये से बारापुर, 29.48 लाख रुपये से हिसामुद्दीन, 22.45 लाख रुपये से सिंहपुर, 21.65 लाख रुपये से फतेहपुर कपूरापुर, 22.32 लाख रुपये से जनखत, 30.31 लाख रुपये से हरेईपुर, 15.53 लाख रुपये से अज्यौरा में बनी पानी की टंकी व पाइप लाइनों का सुदृढ़ीकरण करने के लिए प्रपोजल भेजा गया है। इसके अलावा 15 लाख रुपये से सहिल्यापुर मिनी पाइप वाटर सप्लाई स्कीम के तहत 15 लाख रुपये की योजना तैयार कर भेजी गई है।
अधिशासी अभियंता जल निगम राजेंद्र सिंह का कहना है कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। बजट मिलने का इंतजार है। शासन से धनराशि आते ही काम शुरु करा दिया जाएगा। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, सांसद डिंपल यादव, प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम समेत अन्य उच्चाधिकारियों को भी प्रस्ताव की प्रति भेज दी गई है।