कन्नौज। देर से ही सही लेकिन निजी स्कूलों में मनमाने तरीके से फीस वृद्धि के मुद्दे पर जिला प्रशासन की कलम चल पड़ी है। जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार के आदेश पर जिला विद्यालय निरीक्षक सीएल चौरसिया ने जिले के समस्त अशासकीय, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, इंटरमीडिएट कालेज, सीबीएसई, आईसीएसई एवं आईएससी बोर्ड द्वारा संचालित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर जवाब मांगा है। इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद एमएलसी प्रतिनिधि ने भी शिकायत की तो डीएम ने जांच बैठा दी।
डीआईओएस ने भेजे पत्र में कहा है कि शिक्षण संस्थाएं छात्रों के अभिभावकों से विचार-विमर्श किए बिना ही मनमाने तरीके से शुल्क में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि कर देती हैं जबकि शासनादेश में ऐसे विद्यालयों में शुल्क निर्धारण की व्यवस्था किए जाने के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित करने की व्यवस्था की गई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने निर्देश दिए हैं कि विद्यालय में लिए जा रहे शुल्क का विवरण, लिए जा रहे शुल्क के एवज में क्या-क्या सुविधाएं दी जा रही हैं आदि का विवरण और संबंधित खातों की दो वर्ष की बैलेंसशीट दो दिन के अंदर उपलब्ध करा दें। विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष शुल्क में यदि वृद्धि की गई है तो कितनी, इसका ब्योरा दें। शुल्क वृद्धि के संबंध में मैनेजमेंट कमेटी की उस बैठक का भी ब्योरा तलब किया गया है जिसमें अध्यापक प्रतिनिधि, अभिभावक प्रतिनिधि एं शिक्षा निदेशक के नामित सदस्यों की कार्यवाही अनुमोदित की गई है। इससे जुड़े अभिलेख भी दो दिन के अंदर उपलब्ध कराने का फरमान जारी किया गया है, ताकि जांच समिति की ओर से छानबीन करके नियमानुसार कार्यवाही की जा सके।
प्रधानाचार्यों के भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, सीडीओ एस. नरायन शुक्ला, वरिष्ठ कोषाधिकारी जेपी चौरसिया को भी भेजी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐके यादव को भी पत्र भेजकर कहा गया है कि वे ऐसे निजी स्कूलों में ली जाने वाली फीस व शुल्क वृद्धि से संबंधित प्रबंध समिति की कार्यवाही आदि का ब्योरा प्राप्त कर समीक्षा करें, जिनकी मान्यता बीएसए कार्यालय के स्तर से दी गई है ताकि यदि कहीं कोई मनमानी की गई है तो संबंधित स्कूल के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके। समस्त स्कूलों के प्रबंधकों को भी पत्र की एक कापी भेजी गई है।