कन्नौज। घर से बुलाकर युवक की हत्या व उसकी लाश छुपाने का जुर्म साबित होने पर तीन अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। बुधवार को सुनाए गए फैसले में एडीजे प्रथम रजत सिंह जैन ने आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। साक्ष्यों के अभाव में तीन आरोपी बरी हो गए।
घटना 15 नवंबर 2009 की है। अभियोजन के मुताबिक थाना तिर्वा के गांव लोहामढ़ निवासी पुत्तीलाल के पुत्र राजबहादुर के एक महिला से अवैध संबंध थे। इसको लेकर जगदीश रंजिश मानता था। घटना की शाम जगदीश अपने साथियों के साथ राजबहादुर के घर आया और बहला-फुसलाकर अपने घर बुला ले गया। वहां रात में पुत्र प्रेमचंद्र, पत्नी देशरानी, पुत्रवधू प्रियंका के अलावा सर्वेश पुत्र जीवनलाल निवासी पाला व राजाराम पुत्र रामप्रकाश निवासी करनपुर थाना कन्नौज के सहयोग से राजबहादुर की हत्या कर दी। लाश बोरे में भरकर अपने घर के आंगन में गाड़ दी।
देररात तक जब राजबहादुर घर नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई। जब परिजनों ने इन लोगों से पूछताछ की तो मामला संदिग्ध लगा। इस पर कड़ाई बरते जाने पर इन लोगों ने राज उगल दिया। लाश बरामद होने पर मृतक के भाई रामकुमार ने इन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट थाना तिर्वा में दर्ज कराई। सीओ करनसिंह ने मामले की विवेचना कर अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
बुधवार को एडीजे प्रथम ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर जगदीश, प्रेमचंद्र व देशरानी को हत्या करने व लाश छिपाने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई। प्रियंका, राजाराम व सर्वेश को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता केपी सिंह व रामबाबू वर्मा ने की।