छिबरामऊ (कन्नौज)। खुद को ट्रक ड्राइवर बताकर नगर के एक परचूनी दुकानदार को अपनी बातों के जाल में दंपति ने ऐसा उलझाया कि दुकानदार ने उसे अपना मोबाइल 11 सौ रुपया तथा शाल दे दी जिसे लेकर वे चंपत हो गए। पीड़ित जब देर शाम अपनी व्यथा लेकर रिपोर्ट लिखाने कोतवाली पहुंचा तो वहां पुलिस ने मोबाइल गुम हो जाने का प्रार्थना पत्र लेकर उस पर मोहर लगाकर उसे चलता कर दिया।
माजरा नगर के ताजपुर रोड पर संत गेस्ट हाउस के पास राजवीर सिंह की परचूनी की दुकान किए हैं। तड़के एक व्यक्ति महिला के साथ उनकी दुकान पर पहुंचा। उसने अपने आपको ट्रक ड्राइवर बताया। दरसल दुकानदार राजवीर का पुत्र भी ट्रक चालक है। उसने सोचा कि वह भी उसके पुत्र का कोई मिलने जुलने वाला साथी होगा। उसने उसे दुकान में बैठा लिया जबकि उसके साथ आई महिला को दुकान के पास स्थित अपने घर भेज दिया। सुबह होने से महिला सर्दी से कांप रही थी ऐसे में दुकानदार की पत्नी ने सहानुभूति दिखाते हुए अपनी नई शाल ओढ़ने को दे दी। उधर कथित ट्रक चालक ने दुकानदार से उसका मोबाइल मांगा और फिर उससे 11 सौ रुपए उधार मांग लिए और कहा कि उसकी गाड़ी आ रही वह अभी उसे दे देगा। उसकी बातों में फंसकर दुकानदार रुपयों तथा मोबाइल से हाथ धो बैठा। कथित ट्रक चालक वहां से ऐसा खिसका कि फिर पूरे दिन उसका कहीं अता पता नहीं चला। उधर जब तक दुकानदार कुछ समझ पाता तब तक उसके घर बैठी महिला भी बहाना बनाकर उसकी शाल लेकर रफूचक्कर हो गई। काफी तलाश के बाद भी उन दोनों का कहीं जब पता नहीं चला तब उसे अहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गया है। देर शाम वह कोतवाली पहुंचा तथा रिपोर्ट लिखाने के लिए तहरीर दी। वह यहां भी ठगा गया। पुलिस ने उसकी तहरीर बदलवाकर मोबाइल गुम हो जाने की दूसरी तहरीर लिखवाकर इतिश्री कर ली।